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माहवारी (पीरियड्स) पर खुलकर बोलीं स्लम एरिया की महिलाएं

माहवारी शर्म नहीं सेहत की बात है। अब माहवारी पर भी खुलकर बात करेंगी राज्य के सबसे बड़े स्लम एरिया की महिलायें। अब माहवारी जैसे विषय पर भी शर्म और झिझक को छोड़कर महिलाएं खुलकर चर्चा करेंगी।

यह संकल्प लिया है पटना के कमला नेहरू नगर स्लम एरिया की महिलाओं ने। गौरतलब है कि महिलाओं में तेजी से फैल रहे ब्रेस्ट कैंसर ,सर्वाइकल कैंसर के खतरे और महिलाओं के स्वास्थ्य एवं स्वच्छता विषय पर जागरूकता अभियान चला रही संस्था गुलमोहर मैत्री की ओर से पटना के स्लम एरिया में रहने वाली महिलाओं के साथ मैत्री संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर सैकड़ों महिलाओं ने माहवारी की अनियमितता या इससे जुड़ी समस्याओं पर खुलकर बातचीत की। क्या बच्चे को दूध पिलाने के दौरान संभोग करने से गर्भ नहीं ठहरता?

महिलाओं से बातचीत कर रही गुलमोहर मैत्री की संस्थापक सचिव मंजू सिन्हा ने कहा कि माहवारी को लेकर स्लम एरिया की महिलाओं में अनेक गलतफहमियां तो है ही उनमें इस विषय को लेकर जानकारी का भी बहुत अभाव है।मैत्री सवाद कार्यक्रम में हिस्सा लेने वाली अधिकांश महिलाओं ने कहा कि यह पहला मौका है जब माहवारी और महिलाओं की सेहत से जुड़े विषयों पर इस तरह खुलकर बात चीत हुई है और उन्हें कई अहम जानकारियां मिली हैं। महिलाओं ने गुलमोहर मैत्री से आग्रह किया कि इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम बार बार आयोजित किए जाएं ताकि महिलाओं को ज्यादा से ज्यादा लाभ मिल सके। गुलमोहर मैत्री के कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए स्लम एरिया में काम करने वाले मानव विकास मंच के मोहम्मद अंसार और दीपक गोस्वामी ने भरपूर सहयोग किया। मानव विकास मंच के अध्यक्ष मोहम्मद कलाम आजाद ने भी गुलमोहर मैत्री के जागरूकता अभियान की जमकर तारीफ की और कहा कि ऐसे कार्यक्रम लगातार होते रहने चाहिए। योनिक स्राव क्या होता है और कब उसे असामान्य कहा जाता है।

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