पटना:
कैबिनेट ने अपने अहम फैसले में अदालत के निर्देश के आलोक में एक जनवरी से डोर स्टेप डिलेवरी योजना लागू करने का फैसला किया है। राशन की कालाबाजारी रोकने के लिए सरकार ने यह फैसला लिया है। अब एसएफसी के गोदाम से अनाज सीधे सार्वजनिक वितरण प्रणाली की दुकान तक पहुंचाये जायेंगे और उठाव की जानकारी उपभोक्ताओं तक पहुंचायी जायेगी। इस योजना के क्रियान्वयन के लिए चालू वित्तीय वर्ष में 97 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गयी है। कैबिनेट ने चालक सिपाही और अन्य पुलिसकर्मियों की तैनाती के लिए भी 3031 पदों के सृजन की स्वीकृति दी है। इससे चालक सिपाहियों की कमी से जूझ रहे थाने को राहत मिलेगी। दरअसल सख्त कानून व्यवस्था कायम रखने के लिए पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ा दी गयी है। वहीं पेट्रोलिंग के लिए पुलिस महकमा संख्या बल से जूझ रहा था। कैबिनेट ने इसे शिद्दत से महसूस करते हुए चालक संवर्ग में रिजर्व 52 पुलिस निरीक्षक(परिवहन) सूबेदार, 100 रिजर्व पुलिस अवर निरीक्षक (परिवहन) जमादार, 469 चालक हवलदार एवं 2410 चालक सिपाहियों के पदों के सृजन के प्रस्ताव पर सहमति जतायी है। कैबिनेट ने 36 जिला अस्पतालों में 75 लाख रुपये की लागत से एक-एक मॉड्यूलर ओटी स्थापित करने के लिए 27 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में गुरुवार को मंत्रिपरिषद की बैठक में कई अहम फैसले लिये गये। कैबिनेटन ने कुल 18 प्रस्तावों पर स्वीकृति की मुहर लगायी। कैबिनेट सचिव ब्रजेश मेहरोत्रा ने बताया कि अररिया जिले के फारबिसगंज में हुई पुलिस फायरिंग की जांच के लिए गठित न्यायिक आयोग की अवधि एक जनवरी से बढ़ा दी गयी है। अब आयोग 30 सितम्बर 2014 तक कार्य करेगा। उन्होंने बताया कि फारबिसगंज गोलीकांड की न्यायिक जांच के लिए आयोग का गठन 3 जून 2011 को हुआ था।

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