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दरभंगा :
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शनिवार को कहा कि केन्द्र ने राजनीतिक कारणों से बिहार के विशेष राज्य दर्जा को रोका है, लेकिन जब तक हम हासिल नहीं कर लें चैन से नहीं बैठेंगे। उन्होंने कहा कि 11 करोड़ बिहारी इसके लिए संकल्पित हों और आगामी लोकसभा चुनाव में 40 में 40 सीट जदयू को देने में भूमिका निभायें। मुख्यमंत्री आज दरभंगा के इन्द्र भवन मैदान में प्रमंडलीय संकल्प रैली को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने विशेष राज्य दर्जा को अपने भाषण का केन्द्र बनाते हुए कहा कि रघुराम राजन कमिटी में गुंजाइश थी। इसके आधार पर विशेष राज्य का रास्ता प्रशस्त हो सकता था। बात बढ़ी, लेकिन केन्द्र सरकार ने पांव खींच लिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और राजद में क्या बात हुई, यह तो मैं नहीं जानता। लेकिन, अचानक लगाम क्यों लगा। यह संशय खड़ा करता है हमको जवाब चाहिए। उन्होंने इसका खुलासा करते हुए कहा कि वित्त सचिव की बैठक टाली गई। इसका मतलब है कि केन्द्र सरकार ने राजनीतिक दवाब में सुस्ती बरती है। भाजपा से अलग होने के बाद पहली बार लालू प्रसाद का बिना नाम लिये हुए उन्होंने राजद काल की चर्चा करते हुए कहा कि हमने बिहार बनाने की कोशिश की है। लेकिन लोग माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहें हैं। एक सज्जन तो ऐसे हैं जो जेल से निकलकर आयें हैं मानो देश की स्वतंत्रता के लिए जेल गये थे। उन्होंने कहा कि जंगल राज की कहानी बिहार में पुन: नहीं दोहराई जायेगी। श्री कुमार ने शांति और सद्भावना का माहौल बनाये रखने का संकल्प दोहराते हुए भाजपा पर निशाना साधा और कहा कि भाजपा जब तय रास्ते से अलग जाने लगी, तो रास्ते जुदा हुए। उन्होंने कहा कि सिद्धान्तों से समझौता नहीं हो सकता। देश में सभी धर्मों के मानने वालों का बराबर हक है। हम मिलकर ही हिन्दुस्तान बना पायेंगे और प्रगति सबों के प्रयास से होगी। उन्होंने कहा कि जब विवादित मामलों को नहीं उठाया गया था तब तक समझौता रहा, उससे मुकरने के बाद रास्ता अलग किया गया। उन्होंने कहा कि विश्वासघात का आरोप लगाया जाता है. अलग होने का फैसला अचानक नहीं था, विश्वासघात हमने नहीं किया. जो बीच से रास्ता भटक रहे थे और जनता से किये गये वायदे से मुकर रहे थे, तो कोई रास्ता नहीं था। हम ओछि राजनीति नहीं करते और जनता के प्रति प्रतिबद्ध हैं. हम पद पाने की लालसा नहीं रखते और बिहार की तरक्की का प्रयास कर रहें हैं। इस मौके पर जदयू के राष्टÑीय अध्यक्ष शरद यादव ने कहा कि लोकतंत्र और सच के बीच फर्क किये बिना लोकशाही आगे नहीं बढ़ सकती। उन्होंने कहा कि देश में पहले भी चुनौतियां थी और आज भी हैं. सच और झूठ, फरेब और ईमाम के बीच फर्क मुश्किल हो गया है. उन्होंने कहा कि कर्म से महान लोग पहचाने जाते हैं। गांधी, जेपी, लोहिया ने अपने कर्मो के आधार पर पहचान बनायी सच को झुठलाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि बिहार में ईमान और सच का झंडा निकल पड़ा है। इसे आगे बढ़ाने की जरूरत है. कार्यक्रम की अध्यक्षता बिहार प्रदेश जनता यू के अध्यक्ष सांसद वशिष्ट नारायण सिंह ने की। रैली को प्रसिद्ध फिल्म निदेशक प्रकाश झा ने संबोधित करते हुए कहा कि बिहार को गर्व से जीने का अवसर मिला है और महिला सशक्तिकरण की दिशा में काफी कुछ किया गया है। इस अवसर पर बिहार सरकार के मंत्री वृषिण पटेल, नीतीश मिश्रा, विजय कुमार चौधरी, सांसद महेश्वर हजारी, अमित सहनी, अश्वमेध देवी, विधायक वैद्यनाथ सहनी, राज कुमार राय, मंजु देवी, इजहार अहमद, मदन सहनी, रामबालक सिंह, रत्नेश सदा, विधान पार्षद प्रो. विनोद कुमार चौधरी, विनोद कुमार सिंह, पूर्व विधान पार्षद संजय झा, पूर्व विधायक सह मंत्री रामनाथ ठाकुर, रूप नारायण झा, हरि भुषण ठाकुर बचौल आदि ने संबोधित किया।

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