गया :
अर्मेनिया के येरेवन में आयोजित अंतरराष्टÑीय वुडो काई कराटे चैंपियनशिप में गया की महादलित लड़कियों ने 15 मेडल जीत कर सूबे का नाम रोशन किया है। वहां से लौटने के बाद शनिवार को जिला समाहरणालय में इन सभी विजयी प्रतिभागियों का डीएम बालामुरूगन डी ने स्वागत किया व आगे के लिये शुभकामना दी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक कस्तूरबा विद्यालय में इसके लिये मास्टर ट्रेनर की नियुक्ति की गई हैं। इसके अच्छे परिणाम निकलने लगे हैं। गया के अलावे पटना की भी दो लड़कियों को इस प्रतियोगिता में हिस्सा लेने का अवसर मिला था। इस टीम ने छह गोल्ड, नौ सिल्वर व तीन ब्रांज सहित कुल 18 मेडल जीते हैं। यही नहीं , कोच अश्विनी राज को अंतरराष्टÑीय रेफरीशिप का बेस्ट अवार्ड भी मिला है। मिली उपलब्धियों से इन लड़कियों के चेहरे में मुस्कान थी, जो यह बता रही थी कि मौका व उचित प्रशिक्षण से किसी भी प्रतियोगिता में हिस्सा लेकर विजयी हो सकती हैं। पद्मश्री सुधा वर्गीज के नेतृत्व में लड़कियों का यह दल 16 दिसंबर को गया से पटना होते मुंबई के लिये रवाना हुई थी व वहां से अर्मेनिया के लिये। 21 व 22 दिसंबर को आयोजित इस प्रतियोगिता में गीता कुमारी ने दो गोल्ड, निक्की कुमारी ने एक गोल्ड, अंजू कुमारी ने एक गोल्ड व एक ब्रांज, गुड़िया कुमारी ने दो सिल्वर, काजल कुमारी ने दो सिलवर, पूनम कुमार(पटना) ने एक सिल्वर, ललिता कुमारी ने एक गोल्ड व एक ब्रांज, मधु कुमारी ने एक गोल्ड व एक सिल्वर, बेबी कुमारी ने एक सिल्वर, गुड़िया कुमारी ने एक सिल्वर व निक्की कुमारी(पटना) ने एक सिल्वर व एक ब्रांज मेडल जीता है। गौरतलब है कि बिहार महादलित विकास मिशन द्वारा संचालित नारी गुंजन संस्था ने गया और पटना जिले में प्रेरणा आवासीय स्कूल खोला है। इसमें महादलित मुसहर समुदाय की ही लड़कियां अध्ययनरत हैं। इन लड़कियों को स्वयं रक्षार्थ करने के लिए जूडो-कर्राटे का विशेष प्रशिक्षण दिया जाता है। इससे पहले नारी गुंजन संस्था से साउथ एशिया कप कराटे चैंपियनशिप में गुजरात गयी जूडो-कर्राटे टीम को पांच गोल्ड, पांच सिलवर व आठ ब्रांज सहित कुल 18 मेडल पुरस्कार के रूप में मिला था। सभी महादलित मुसहर समुदाय की हैं। महादलित मुसहर समुदाय की लड़कियों को छात्रावास में रखकर शिक्षित करना और उनको विभिन्न तरह का प्रशिक्षण देकर आगे बढ़ाया जाता है। इससे मुसहर समुदाय की लड़कियों को काफी फायदा होता है। शिक्षा और आत्मविश्वास को बढ़ाने में संस्था का योगदान को नकारा नहीं जा सकता है। इससे पहले नारी गुंजन संस्था से पूनम कुमारी और इजाद नामक संस्था से नाजिया खातून नाइन इज माइन के तहत विदेश गई थीं। दोनों बिहारियों ने यूएसए जेनरल एसेम्बली में अपनी बात रखीं। पूनम कुमारी अनुसूचित जाति पर और नाजिया खातून ने अल्पसंख्यकों के बारे में विचार पेश किये। अब 11 सदस्यीय जूडो-कर्राटे की टीम इटली जा रही है।

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