नयी दिल्ली:
क्या आप नई गाड़ी खरीदना चाहते है? क्या आप के पास कोई 15 साल पुरानी गाड़ी पड़ी है या आप उसे बेचना चाहते है? अगर हां तो आपके लिए एक बड़ी खुशखबरी है। पुरानी गाड़ी बेचकर नई गाड़ी खरीदने के लिए सरकार आपको लाख रुपये की सब्सिडी देगी। जी हां, यह प्रपोजल कॉमर्स एंड इंडस्ट्री मिनिस्ट्री ने आपके लिए ही बनाया है। भारत सरकार ने अमेरिकी सरकार के ‘कैश फॉर क्लंकर्स प्रोग्राम’ की तर्ज पर यह प्रपोजल बनाया है ताकि देश के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को रिवाइव किया जा सके। मीडिया की खबर के अनुसार कॉमर्स एंड इंडस्ट्री मिनिस्ट्री के तहत आने वाले डिपार्टमेंट आॅफ इंडस्ट्रियल पॉलिसी एंड प्रमोशन (ऊकढढ) ने 1,000 करोड़ रुपये की इस स्कीम का प्रस्ताव रखा है, जिससे करीब एक लाख नए कमर्शियल गाड़ियों की खरीद को बढ़ावा दिया जा सकता है। डीआईपीपी के एक सीनियर आॅफिशियल ने ‘इटी’ से कहा कि इसके पीछे सोच देश में मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने और इस तरह आॅटोमोबाइल सेक्टर को रफ्तार देने की है। उन्होंने कहा कि यह भारत के लिए कोई नया आइडिया नहीं है। केंद्र ने इससे पहले जवाहर लाल नेहरू अर्बन रिन्यूअल मिशन (2005) के तहत राज्यों को बसों के रिप्लेसमेंट के लिए सब्सिडी दी थी। एसआईएएम के डायरेक्टर जनरल विष्णु माथुर ने कहा कि ऐसी स्कीम से इंडस्ट्री को बड़ी राहत मिलेगी। इस वक्त फ्यूल कंजम्प्शन, प्रदूषण बढ़ रहे हैं जबकि इंडस्ट्रियल ग्रोथ में कमी आ रही है। डीआईपीपी का कहना है कि इसमें कोई बड़ी रकम नहीं खर्च होगी और पुराने तथा प्रदूषण फैलाने वाले वीइकल्स को हटाने में इससे मदद मिलेगी। जब गाड़ी बेची जाएगी तो एक लाख रुपये की सब्सिडी सीधे संबंधित मैन्युफैक्चरर के खाते में जाएगी। इससे सब्सिडी का बेजा फायदा उठाने की गुंजाइश नहीं रहेगी साथ ही ऐसी स्कीम से मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को तुरंत रफ्तार मिलेगी और इसमें पैसा भी ज्यादा खर्च नहीं होगा।
अमेरिका का ‘कैश फॉर क्लंकर्स प्रोग्राम’ 3 अरब डॉलर का कार अलाउंस रिबेट सिस्टम है, जिसे साल 2009 में एक महीने चलाया गया था। इसे आॅटो सेक्टर को रिवाइव करने के लिए चालू किया गया था।

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