पटना:
रेल टिकटों की दलाली करने वाले टिकट दलाल सावधान! आरक्षित रेल टिकटों की कालाबाजारी रोकने के लिये रेलवे अब बायोमेट्रिक सिस्टम की मदद लेने का मन बना रहा है। इसके लिए सभी आरक्षण केंद्रों पर बायोमेट्रिक सिस्टम लगाया जायेगा। इस नयी तकनीक के इस्तेमाल होने के बाद दलालों द्वारा किसी के पहचान पत्र लेकर टिकट खरीदने का सिलसिला समाप्त हो जायेगा। टिकट खरीदने से पहले यात्री को इस मशीन पर अपनी उंगलियों के निशान देने होंगे। दोबारा टिकट खरीदते समय इस मशीन पर उंगली लगाते ही यह पता चल जाएगा कि संबंधित व्यक्ति इससे पहले वहां टिकट खरीदने आ चुका है। यदि तय समय सीमा से पहले कोई व्यक्ति दुबारा टिकट खरीदने पहुंचेगा तो उसे काउंटर पर डयूटी बजा रहे रेलकर्मी उसे वापस लौटा देंगे। इस तरह दलालों को दिन में लगातार विभिन्न ट्रेनों के लिए टिकट खरीदने से रोका जा सकेगा। पश्चिमी रेलवे के भोपाल में कुछ समय पहले प्रायोगिक तौर पर इस योजना की शुरुआत की गई है। अगले महीने तक मुंबई में भी कुछ आरक्षण केंद्रों पर बायोमेट्रिक मशीनें लगा दी जाएंगी। यदि इस सिस्टम से दलालों को रोक पाने में सफलता मिली तो रेलवे बोर्ड दूसरे शहरों में भी यह सिस्टम लगाने की अनुमति दे सकता है। रेलवे बोर्ड के वरीय अधिकारियों के अनुसार बायोमेट्रिक सिस्टम से तत्काल टिकटों की कालाबाजारी पर भी प्रभावी अंकुश लग सकेगा। उन्होंने बताया कि बड़े शहरों में एक से अधिक आरक्षण केंद्र होने के कारण सभी केंद्रों पर लगने वाले बायोमोट्रिक सिस्टम को एक सर्वर से जोड़ा जाएगा। इससे कोई व्यक्ति यदि शहर के किसी भी आरक्षण काउंटर से टिकट खरीदता है तो उसकी सूचना सर्वर में दर्ज रहेगी। दुबारा उसके आरक्षण केंद्र पहुंचने पर बायोमेट्रिक सिस्टम उंगलियों के निशान को पहचान लेगा। जिन स्टेशनों पर इस सिस्टम की शुरुआत हुयी वहां अभी अंतिम रूप से यह तय नहीं किया गया है कि एक बार टिकट खरीदने पर कितने घंटे के लिए दुबारा टिकट खरीदने पर रोक होगी। भोपाल में अभी चार घंटे की रोक है। मुंबई के मामले में अभी फैसला नहीं हुआ है। वहीं पूर्व मध्य रेल के मुख्य वाणिज्यिक प्रबंधक महबूब रब ने बताया कि यात्रियों की शिकायत मिलने पर पूर्व मध्य रेल में भी इस सिस्टम की शुरुआत की जा सकती है। रेलवे बोर्ड द्वारा दिये गये निर्देश पर इसे खोला जायेगा।

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