पटना:
राजधानी पटना में वाहनों पर लाल और पीली बत्ती का बेजा इस्तेमाल रूक नहीं रहा। सुप्रीम कोर्ट के आदेश से बेपरवाह कई लोग अपात्रता के बावजूद अपने वाहनों में लाल-पीली बत्ती लगाना अपनी शान समझते हैं। हाल ही सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकारों को आदेश दिया था कि वाहनों पर लाल या पीली बत्ती के बेजा इस्तेमाल पर रोक लगायें। साथ ही बत्ती वाले वाहनों के पात्र लोगों की सूची बनाने का निर्देश दिया था। लेकिन, आज भी वाहनों में लाल और पीली बत्ती का दुरुपयोग धड़ल्ले से जारी है। इस संबंध में पूछे जाने पर पटना डीटीओ दिनेश कुमार राय ने बताया कि इसकी रोकथाम के लिए जनवरी में विशेष अभियान चलाया जायेगा और अपात्रता के बावजूद अपने वाहनों पर लाल-पीली बत्ती का इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जायेगी। उन्होंने बताया कि पिछले दिनों विभाग की ओर से कार्रवाई भी की गयी थी। सख्ती की वजह से बत्तियों का दुरुपयोग करने वाले लोगों ने अपने वाहनों से बत्ती हटा ली थी। लेकिन, इन दिनों फिर वाहनों पर लाल-पीली बत्तियों का दुरुपयोग बढ़ गया है। विभाग की ओर सघन जांच अभियान चलाकर बत्तियों का दुरुपयोग करने वालों पर कार्रवाई की जायेगी। डीटीओ ने बताया कि संवैधानिक पदों पर बैठे व्यक्ति ही लाल बत्ती लगा सकते हैं। राज्यों में उनके समकक्षों को यह अधिकार होगा पर आॅन ड्यूटी। संबंधित व्यक्ति वाहन में नहीं हैं तो बत्ती को काले कवर से ढंक दिया जाना चाहिए। किसी भी वाहन पर म्यूजिकल आवाज करनेवाले हॉर्न का इस्तेमाल नहीं किया जाये। ऐसे वाहन माह के अंदर हॉर्न हटा लें अन्यथा कार्रवाई की जाएगी।

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