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ओमप्रकाश यादव ने संप्रग से नाता तोड़ा भाजपा से लड़ेंगे चुनाव

पटना :
बिहार के सीवान निर्वाचन क्षेत्र से निर्दलीय सांसद ओम प्रकाश यादव ने आज भ्रष्टाचार, महंगाई और सरकार की ओर से विपक्ष के नेताओं के खिलाफ राजनीतिक प्रतिशोध का हवाला देते हुए संप्रग सरकार से अपना समर्थन वापस ले लिया। यादव ने राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को भेजे पत्र में कहा कि वह प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली केन्द्रीय मंत्रिपरिषद से अपने समर्थन को वापस लेते हैं। उन्होंने अपने पत्र में कहा कि इस पत्र को केन्द्र सरकार को वर्ष 2009 में उसके गठन के समय मेरी ओर से दिये गये समर्थन की वापसी के रूप में लिया जाये। वह राष्ट्रपति को पत्र सौंपे जाने के बाद अपने आवास पर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।यादव ने सीवान में राजद के पूर्व सांसद शहाबुद्दीन की पत्नी हीना साहेब को पराजित किया था। राष्ट्रपति को लिखे अपने पत्र में उन्होंने संप्रग शासन के दौरान व्याप्त भ्रष्टाचार और मंहगाई के मुद्दे का भी उल्लेख किया और कहा कि संप्रग सरकार इन मुद्दों से निपटने में पूरी तरह नाकाम रही है। इतना ही नहीं उसने विपक्ष के नेताओं के खिलाफ राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से काम करना शुरू कर दिया है और इस संबंध में पिछले दो एक दिन में सरकार द्वारा लिये गये निर्णय लोकतंत्र के बुनियादी प्रकृति के खिलाफ है। यादव ने इस पत्र की प्रति प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को भी भेजी है। सूत्रों का कहना है कि यादव कुछ समय से भाजपा से जुड़ने की तैयारी में लगे हैं उन्होंने नरेन्द्र मोदी को एक मजबूत नेता बताते हुए कहा था कि देश को इस समय एक शक्तिशाली नेतृत्व की जरूरत है।

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