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बिहार में पूर्ण शराब बंदी के बाद शराब के कारोबारियों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया गया ,शराबबंदी के पिछले 13 महीनो के दौरान बिहार पुलिस ने नौ लाख लीटर शराब जब्त किया था . लेकिन हैरत की बात है की इनमे से ज्यादातर शराब मालखानो से गायब है . जब जाँच हुई तो बाते गया की इनमे से ज्यादातर बोतले मालखाना तक आने के पहले ही टूट गई या जो बोतले सही सलामत मालखाने के अन्दर रखी गई उन्हें चूहों ने गटक लिया . वैसे तो ये हालत कमोबेश सभी जिलो की है लेकिन पटना के एसएसपी ने बजाप्ता थानेदारो को धमकी दी की सुधर जाए नहीं तो वो खुद ब्रेथ एनालाइजर लेकर निकलेंगे और थानों में पुलिस वालो की जाँच करेंगे .यह सिर्फ धमकी ही नहीं रही बल्कि एसएसपी ने पुलिस लाइन में छापेमारी कर बिहार पुलिस मेंस एसोसियेशन के प्रदेश अध्यच सहित दो लोगो को शराब के नशे में धुत पकड़ा और उन्हें जेल भेज दिया .

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बिहार में 5 अप्रैल 2016 को पूर्ण शराब बंदी की घोषणा की गई थी . यानि की शराबबंदी के 13 महीने हो गए. सरकार के आंकड़ो के अनुसार इन तेरह महीनो में पुलिस ने पुरे राज्य में 9.55 लाख लीटर देशी विदेश शराब जब्त की है .इनमे तीन लाख ,10 हजार ,492 लीटर देशी तथा पांच लाख 67 हजार 857 लीटर विदेश शराब जब्त किया गया था लेकिन इनमे से अधिकतर शराब नष्ट हो चुकी है या फिर उसे मालखाने के चूहे हजम कर चुके है .ऐसी रिपोर्ट एक दो जिलो से नहीं बल्कि कई जिलो से आने के बाद पुलिस मुख्यालय ने शराब जब्ती के मामले में जिलो के एसपी से जवाब माँगा है . क्योंकि ऐसी शिकायते मिली है की शराब न तो बर्बाद किये जा रहे है और न ही उसे चूहे गटक रहे है बल्कि इन शराबो को पुलिस वाले ही पी रहे है . लेकिन अभी तक कोई सबूत नहीं मिलने के कारण कोई कारवाई नहीं हो पा रही है . लेकिन पटना एसएसपी मनु महाराज ने मामले को गभीरता से लेते हुए पटना जिले के थानेदारो और डीएसपी की बैठक बुलाई और कहा की चूहे पी गए नौ लाख लीटर शराब।

मालखाने से शराब के गायब होने की जाँच की जाए यही नहीं मनु महाराज ने कहा की इस वो खुद रात में ब्रेथ एनालाइजर लेकर निकलेंगे और थाना के पुलिस कर्मियों की जाँच करेंगे ये कही भी और किसी समय हो सकता है यही नहीं अगर कोई पकड़ा गया तो उसके खिलाफ कड़ी कारवाई की जायेगी ।

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