दरभंगा: बिहार मे कानून-व्यवस्था की कैसी लचर स्थिति है वो दरभंगा, बिहार से आयी इस दिल दहलाने वाले खबर बताने के लिए काफी है. 25 मार्च को बिहार के दरभंगा जिले के लहेरियासराय थाना क्षेत्र के गुप्ता स्वीट्स होम के पास जमीनी विवाद में दो पक्षों में हुई जमीनी विवाद में पेट्रोल छिड़क कर मनोज चौधरी नाम के व्यक्ति की हत्या करने का प्रयास किया गया था.

इस घटना में मनोज चौधरी की बुरी तरह झुलसने की खबर सामने आयी थी. जिसके बाद उन्हें दरभंगा से पटना, फिर पटना से दिल्ली बेहतर इलाज के लिए भेजा गया था. जहां मिली जानकारी के अनुसार कल देर रात श्री चौधरी का इलाज के दौरान अपोलो अस्पताल में मौत हो गई. मौत का मुख्य कारण शरीर के अधिक झुलस जाने को बताया जा रहा है.

उक्त घटना का मुख्य कारण जमीनी विवाद बताया गया है. घटना लहेरियासराय के अंदर आने वाले कमर्शियल चौक की है जहां विवादित जमीन पर कैलाश साह कुछ मजदूरों के साथ मिलकर दरवाजा लगाने का काम कर रहे थे. जिसका विरोध करने मनोज चौधरी घटनास्थल पर पंहुचे थे. उसी दौरान कैलाश साह के लोगों ने मनोज पर पेट्रोल डाल कर उसे आग के हवाले कर दिया. जब तक लोग आग बुझाने का साहस करते तब तक मनोज चौधरी के शरीर का 50 फीसदी हिस्सा जल चूका था.

 

इस जमीनी विवाद में एक पक्ष गुप्ता स्वीट होम के मालिक एवं उनके लड़के सहित पत्नी पर पेट्रोल छिड़क कर आग लगाने का आरोपित किया गया है.

मनोज चौधरी के मौत की खबर के बाद पूरे दरभंगा में आक्रोश व्याप्त हैं. विभिन्न राजनितिक दलों सहित छात्र संगठनों द्वारा आज शुक्रवार को दरभंगा बंद का आह्वान किया गया है. स्थिति की नाजुकता को देखते हुए दरभंगा प्रशासन ने दरभंगा के चप्पे-चप्पे पर देर रात से ही पुलिस की तैनाती कर दी है. इससे पहले दरभंगा सदर एसडीओ दिलनवाज अहमद ने बताया था कि उक्त आरोपित व्यक्तियों के खिलाफ स्पीडी ट्रायल चलाया जायेगा.

इस प्रकरण पर लोगों ने घटना का पूरा दोष जिला प्रशासन को दे रही है. स्थानीय लोग इसलिए भी सोचने को मजबूर है क्योंकि यह घटना पुलिस मुख्यालय से महज कुछ दूरी पर हुई है. घटना के बाद पुलिस की भूमिका को लेकर लोग काफी उग्र नजर आ रहें हैं. इससे पहले भी पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाकर थाने का घेराव, पुतला दहन, सदबुद्धि यज्ञ सहित कई तरीके से घटना की न्यायिक जांच करने की मांग की गई है.

इस घटना के बाद बिहार की क़ानूनी व्यवस्था पर सवाल तो उठेंगे ही. साथ ही विभिन्न सामाजिक संगठन और राजनितिक पार्टीयां घटना के बाद से आरोपियों को संरक्षण देने का आरोप दरभंगा के स्थानीय जनप्रतिनिधियों पर लगा रहे है. इस मामले में आरोपियों को बचाने के लिए कई नेताओं की संलिप्तता की बात बताई जा रही है.

हालांकि इस आपराधिक घटना ने एक बार फिर से दरभंगा को सुर्ख़ियों में ला दिया है. इससे पहले भी पिछले वर्षों में लगातार हुई आपराधिक घटनाओं ने दरभंगा को दहशत में जीने के लिए मजबूर कर दिया है. लगातार हो रही इस तरह की घटनाएं प्रशासन की नाकामी को दिखा रही है. ऐसा लगने लगा हैं की बिहार में नितीश कुमार का कथित सुशासन अब धीरे-धीरे कुशासन में तब्दील होता जा रहा है.

लेकिन देर रात मनोज चौधरी की मौत के खबर आने के बाद प्रशासन की नींद उड़ गई है. आने वाले दिनों में विधि-व्यवस्था को बनाये रखने की चुनौती जिला प्रशासन को होगी. आज के दरभंगा बंद और विभिन्न जगहों पर सड़क जाम के आह्वान के बाद लगातार पुलिस बलों की तैनाती की जा रही है. घटना को लेकर लोगों में आक्रामक आक्रोश देखते हुए उम्मीद की जा रही है कि आज के दरभंगा बंद में घटना के संदर्भ में प्रशासन के तरफ से कुछ नया सुनने को मिलेगा.

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