कल की खबर : – आखिर कौन है वो , जो बिहार के बच्चों से मांग रहा है पैसा…..

पटना : बिहार में स्टूडेंट्स को झांसा देकर मैट्रिक और इंटर की परीछा में पास कराने के नाम पर लाखों की वसूली करने वाले गिरोह का खुलासा पटना पुलिस ने कर दिया है। नई आहट की टीम ने पहले भी आपको बताया था कि कैसे बिहार में इंटर के खराब रिजल्ट के बाद मैट्रिक के स्टूडेंट्स को नंबर बढ़ाने के नाम पर पैसे की मांग की जा रही है। इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है जिनके पास से सैकड़ो स्टूडेंट्स का डाटा भी मिला है।हालांकि अभी तक गिरोह के सरगना की गिरफ्तारी नही हुई है।लेकिन पुलिस का दावा है कि जल्द ही गिरोह का सरगना उनकी गिरफ्त में होगा। नई आहट की टीम ने गुरुवार को अपने यहां प्रमुखता से छात्रों से फ़ोन करके पैसे मांगने की इस खबर को चलाया था, जिसके बाद पटना पुलिस ने इस मामले में बड़ी गिरफ्तारी की है।


हैलो ,मैं बिहार बोर्ड से बोल रहा हु तुमको मैथ और संस्कृत में कम नंबर है फेल कर जाओगे अगर पास करना है तो इस एकाउंट में 4500 रुपये जमा कर दो।
ऐसे फोन कॉल बिहार में मैट्रिक के हजारों स्टूडेंट को आये थे और आ रहे है।पहले से ही इंटर परीछा के खराब रिजल्ट्स से परेशान स्टूडेंट्स के लिए ऐसे काल दहशत वाले थे।ऐसे कई स्टूडेंट्स की परेशानी हमारी टीम ने आपको दिखाई थी।ऐसा माना जा रहा था कि बोर्ड से ही स्टूडेंट्स का डाटा हैकर्स द्वारा हैक कर लिया गया है ।हमने बोर्ड अध्यछ आनंद किशोर से भी बात की थी ।इस मामले में पटना के कोतवाली थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी।जिसके बाद जांच का जिम्मा पटना एसएसपी मनु महाराज ने एसआईटी को दिया था।जांच के क्रम में कई नम्बरो को सर्विलांस पर रखा गया था। उन एकाउंट नम्बरो की जांच की गई थी जिनमे पैसो को जमा कराया गया था।जिसके आधार पर बिहार के नालंदा जिले के कतरीसराय और शेखपुरा के रहिंचा गांव में छापेमारी की गई।कतरीसराय से दो लोगों को गिरफ्तार किया जबकि शेखपुरा से चंदन कुमार को गिरफ्तार किया गया।चंदन की तलाश पुलिस को पहले से ऑनलाइन फ्रॉड के एक मामले में थी।

पटना पुलिस को इस गिरोह तक पहुंचने में काफी मेहनत करनी पड़ी।मोबाइल सर्विलांस के आधार पर तीन दिनों से एसआईटी के सदस्य इलाके में घूमते रहे और गिरोह के बारे में जानकारी लेते रहे।एसएसपी के अनुसार घेराबंदी कर चंदन कुमार,संतु चौधरी और सुभाष कुमार को पकड़ा गया।दरअसल इन लोगो को सुजीत चौधरी नामक शख्स स्टूडेंट्स का डाटा सहित अन्य जानकारियां देता था।जिसके बाद ये लोग कॉल करते थे और उनसे पैसे की डिमांड करते थे।बैंक एकाउंट भी इन्हें सुजीत ही मुहय्या करता था।इन लोगो को दस कॉल करने पर सौ रुपये मिलता था।

पुलिस की गिरफ्त में आया चंदन ने बताया कि उसे सारी जानकारी उसके बॉस सुजीत गुप्ता देता था किसे फोन करना है और क्या बात करनी है यह भी वही बताता है।चंदन के अनुसार स्टूडेंट्स का डाटा भी सुजीत गुप्ता ने ही लाकर दिया था।मैट्रिक के स्टूडेंट्स के अलावा उनलोगों के पास विभिन ऑनलाइन शॉपिंग साइट से भी ग्राहकों का सारा डिटेल मिलता था।

बताया जाता है कि कतरीसराय में कई ऐसे गिरोह है जो फर्जी तरीके से ऑनलाइन मार्केटिंग से लेकर लोगो को झांसा देने का काम करते ही।ये काफी शातिर होते है।हालांकि इस गिरोह के जो सदस्य होते है वो काफी पढ़े लिखे नही होते है।आज भी जो पकड़े गए है उनमे चंदन गेजुएशन है जबकि अन्य दोनो में एक आठवी का जबकि दूसरा मैट्रिक पास है।लेकिन सरगना द्वारा इन्हें बजाप्ता ट्रेनिंग दी गई है।

इस गिरोह के पास मैट्रिक और इंटर के डाटा कहा से पहुंचे इसको लेकर पुलिस का कहना है कि डाटा इंनहे कोचिंग सेंटर और साइबर कैफे से ही मिले है।मैट्रिक और इंटर परीक्षा के पूर्व गिरोह द्वारा विभिन्न कोचिंग सेंटर में जाकर स्कॉलरशिप के बहाने फॉर्म स्टूडेंट्स से भरवाए गए थे उनसे भी कई डाटा इनके पास हो गए थे।

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