पटना : निर्माण कंपनी से रंगदारी मांगने सहित मारपीट एवं अन्य मामलों में
अभियुक्त बनाये गये गोड्डा के पूर्व विधायक संजय यादव एवं जामुन यादव
मामले में पटना उच्च न्यायालय ने अंतरिम राहत प्रदान करते हुए जामुन यादव
के विरूद्ध निचली अदालत में उपस्थित नहीं होने के फलस्वरूप इश्तेहार
चस्पा करने के निचली अदालत के आदेश पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाते हुए
याचिकाकर्ता को 17 जून को बांका के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत
में उपस्थिति होकर अपना जवाब देने का निर्देश दिया।
न्यायाधीश चक्रधारीशरण सिंह की एकलपीठ ने जामुन यादव की ओर से दायर
याचिका पर बुधवार को सुनवाई करते हुए उक्त निर्देश दिया।
उल्लेखनीय है कि यह मामला 12 मई 2017 को बांका थाना में बेगूसराय की
जयमाता दी कंस्ट्रक्शन द्वारा दर्ज कराया गया। जिसमें गोड्डा के पूर्व
विधायक संजय यादव सहित जामुन यादव को अभियुक्त बनाते हुए उनपर तथाकथित
रूप से यह आरोप लगाया गया कि उनकी कंपनी द्वारा आइओसीएल द्वारा प्रदत्त
भवन एवं सड़क निर्माण का कार्य कराया जा रहा है। परंतु गोड्डा के पूर्व
विधायक द्वारा पूरे कार्य की रंगदारी के रूप में बैक टू बैक देने की मांग
की जा रही है। कंपनी द्वारा इंकार किये जाने के फलस्वरूप पूर्व विधायक
द्वारा कार्य को स्वयं करने का दबाव बनाते हुए धमकी दी जा रही है। इसके
अलावा पूर्व विधायक और उनके निजी सुरक्षाकर्मियों एवं जामुन यादव सहित
अन्य अज्ञात लोगों द्वारा मारपीट की गयी। इस बारे में मामला दर्ज होने के
बाद निचली अदालत द्वारा 15 मई को गिरफ्तारी वारंट जारी कर दी गयी। इसके
बाद 17 मई को उनके विरूद्ध इश्तेहार चस्पा करने का आदेश दे दिया गया।
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