गया : गया जिले के वजीरगंज प्रखंड के प्राथमिक विद्यालय मिल्की में रंजना कुमारी शिक्षिका के रूप में नियुक्त थी। जालंधर ट्रेन दुर्घटना में उसकी मौत पिछले 25 अक्टूबर 2016 को ही हो गयी थी लेकिन शिक्षा विभाग के रिकॉर्ड में आज भी वह जीवित है।

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मृत शिक्षिका के परिजनों ने इसकी सूचना विद्यालय और संबंधित शिक्षा विभागों में भी दे दी थी। लेकिन अपनी कारगुजारी से हमेशा चर्चा में रहनेवाला शिक्षा विभाग का यह कारनामा सामने तब आया जब मृत शिक्षिका के खाते में पिछले 4 महीने से उसका वेतन जाता रहा। यही नहीं रंजना के खाते से एटीएम के माध्यम से पैसा भी निकासी की गई। इस मामले को सामने आते ही शिक्षा विभाग के वरीय अधिकारी गूंगे हो गए।

 

शिक्षिका रंजना कुमारी वजीरगंज थाने के दखिनगांव की रहनेवाली थी उसके पिता भी शिक्षक हैं जो अभी नवादा जिले में नियुक्त हैं।
प्राथमिक विद्यालय मिल्की के प्रभारी प्रसन्न कुमार से बज इस घटना के बारे में पूछा गया तो उन्होने बताया कि हमे नहीं पता की वेतन कैसे मिला। हांलाकि उन्होने यह स्वीकार किया कि विभाग की लापरवाही से ऐसा हुआ है। वहीं शिक्षिका के पिता शैलेन्द्र कुमार ने बताया कि पैसा कंहा से आया यह शिक्षिका के बेटा ने जानना नहीं चाहा और पैसे की निकासी एटीएम द्वारा करता रहा।

इस संबंध में प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी कौशल सिंह ने बताया कि जो बैंक के द्वारा डिटेल्स दी गयी थी उसी के आधार पर वेतन का भुगतान कर दिया गया। उन्होने बताया कि उसी विद्यालय में प्रेमलता कुमारी शिक्षिका भी नियुक्त थी। जिसमें कई वर्षों से यह अंकित किया गया कि प्रेमलता कुमारी के खाता संख्या रंजना कुमारी के सामने था और रंजना का खाता संख्या प्रेमलता कुमारी के सामने… अब पता चला कि प्रेमलता को जो पैसा के भुगतान किया गया था वह मृत शिक्षिका के खाते में चला गया । इस बीच प्रेमलता ने कभी सूचित भी नहीं किया कि हमारा वेतन नहीं आ रहा है। चूंकी दोनो शिक्षिका का वेतन सामान था। पूरे मामले की जांच की जा रही है कि आखिर यह हुआ कैस !

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