बाँझपन अब नही बन पायेगा अभिशाप , सृजन में होगा ऐसा चमत्कार 

(रोहित मेहता ) हमारे देश में काफी समय से यह देखा गया है कि जब किसी दंपत्ति को संतान नहीं होती तो उसके लिए पत्नी को जिम्मेदार ठहराया जाता है।कई छोटे शहरो में पुरुष जांच तक नहीं कराते और सारा दोष महिला पर मढ़ दिया जाता है। तत्थ्यो को देखा जाए तो विश्व स्वास्थ संगठन की एक रिपोर्ट के अनुसार पिछले दशक में महिलाओं की तुलना में पुरुषों में नपुंसकता के मामले बढ़े हैं। इस वजह से कई बार दंपतियों में निसंतानता की वजह का पता ही नहीं चल पाता क्यों की जांच केवल महिला की कराई जाती है।

बिहार के प्रतिष्ठित डॉक्टरों की सूचि में शामिल एक जाना-माना नाम है Dr. Himanshu Roy का जिनकी सृजन क्लिनिक इनफर्टिलिटी के फ़ील्ड में आज अपनी एक अलग पहचान बना चुकी है। बिहार , झारखण्ड , उत्तर प्रदेश ही नही बल्कि देश के कई शहरो से लोग यहाँ आते है और एक नए मेहमान को साथ लेकर जाते है । सृजन में हुए सालों के रिसर्च और 50,000 से ऊपर माँओ की गोद भरने के बाद ये पता चला है की बाँझपन के लिए जितनी जिमेदार स्त्री है उतने ही जिमेदार पुरुष भी होते है। सृजन के मुताबिक आज के हैटेक जानने में बाँझपन अभिशाप नही रहा IVF के जरिये कोई भी महिला माँ बन सकती है ।

अगर आप इनफर्टिलिटी से जुड़ी किसी भी सवाल का जबाब चाहते है या IVF करवा कर अपनी सुनी जिंदगी को खुशियों से भरना चाहते है तो आप भी सृजन जा कर आपने इलाज डॉ. हिमांशु रॉय से करवा सकते है ।

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