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बिहार के भागलपुर में पिछले दिनों दो गुटों में हुए विवाद में आरोपी अर्जित शाश्वत को लेकर बिहार में बयानबाजी का दौर चरम पर है। इसी कड़ी में सत्तारूढ़ जनता दल (यूनाइटेड) के महासचिव क़े सी़ त्यागी ने मंगलवार को दो टूक कहा कि अगर कानून का मखौल उड़ेगा तो जद (यू), भाजपा, रालोसपा और लोजपा पर खरोंच आएगी, जिससे राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) प्रभावित होगा। त्यागी ने कहा कि इस मामले में प्राथमिकी दर्ज हुई है, तो अपने पुलिस अधिकारियों पर विश्वास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अदालत ने गिरफ्तारी वारंट जारी किया है, तो अदालत के फैसले का सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, “अर्जित शाश्वत के पास दो रास्ते हैं, सरेंडर करें या गिरफ्तारी दें।”

जद (यू) के वरिष्ठ नेता ने बिना किसी का नाम लिए कहा कि केंद्रीय मंत्री ऐसी भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे मुख्य विपक्षी दल को इसका फायदा हो रहा है। उल्लेखनीय है कि 17 मार्च को नाथनगर में दो पक्षों के बीच विवाद हुआ था, जिसमें भाजपा नेता अर्जित शाश्वत सहित 21 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। जिसके बाद से विपक्ष, सत्ता पक्ष पर लगातार निशाना साध रहा है। उल्लेखनीय है कि अर्जित शाश्वत केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे के पुत्र हैं।

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