FILE PHOTO

 बिहार : जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए जब नीतीश कुमार की ताजपोशी हो रही थी उसी समय से यह कयास लगाया जा रहा था कि नीतीश कुमार की यह ताजपोशी 2019 के पीएम पद की तैयारी है।

जदयू उसी समय से नीतीश कुमार को देश के अगले पीएम के तौर पर प्रमोट भी करते आ रही है। बिहार विधान सभा चुनाव में बीजेपी को करारी मात देने के बाद महागठबंधन से भी ऐसे कई सुर उठे थे जिसका लोगों ने समर्थन किया था।

हाल ही में यूपी में समाजवादी पार्टी और बसपा की करारी हार के बाद एक बार फिर से नीतीश कुमार को अगले प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार घोषित करने की मांग तेज हो गई है। जदयू के नेता एक सुर में नीतीश कुमार को अगले प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार घोषित करने की मांग कर रहे हैं। जदयू के प्रवक्ता संजय सिंह का कहना है कि जब तक देश के तमाम राजनीतिक दल भाजपा को हराने के लिए एक मंच पर नहीं आयेंगे तब तक प्रधानमंत्री मोदी को हराना संभव नहीं है। अगर मायावती ने उत्तर प्रदेश में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के गठबंधन के साथ हाथ मिलाया होता तो फिर वहां की तस्वीर कुछ और होती। जबकि जदयू के नेता विनोद कुमार यादव और वशिष्ठ नारायण सिंह का कहना है कि नीतीश कुमार ही पीएम मोदी को टक्कर दे सकते हैं और इस मुहिम में सभी को साथ देना चाहिए।


उधर जदयू के नेताओं की मांग का राजद और वामदल से भी समर्थन मिलता दिख रहा है। भाकपा माले के सत्यदेव राम का कहना है कि देश में महागठबंधन बनाना जरूरी है। लेकिन कांग्रेस के नेता इस सवाल पर बचने की कोशिश करते हुए राहुल गांधी और सोनिया गांधी को ही बड़े दावेदार बता रहे हैं हालांकि वो भी देश के स्तर पर महागठबंधन बनाने की बात से इतेफाक रखते हैं।

जाहिर है जदयू के तरफ से उठाए गाए इस मांग से एक बात तो साफ हो गया है कि नीतीश कुमार के लिए यूपी चुनाव परिणाम कई मायनों में फायदेमंद रहा है। एक तो फिलहाल उनके विरोधियों की बोलती बंद है दूसरा इस वक़्त देश की राजनीति में मोदी को टक्कर देने वाले नेताओ में नीतीश सबसे बड़े चेहरे के तौर पर नजर आ रहे है। हालांकि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपने-आप को 2019 के पीएम पद के उम्मीदवार मानने को लेकर कई बार सीरे से खारिज भी कर चुके हैं चूकि नीतीश कुमार के लिए यह राह इतनी आसान भी नहीं है। जिसे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भली-भांती जानते हैं।

loading...

LEAVE A REPLY