पटना: जन्म एवं मृत्यु की घटनाओं के आॅनलाईन पंजीकरण हेतु विकसित की गयी सिविल रजिस्ट्रेश्न सिस्टम पर आज राज्य स्वास्थ्य समिति, बिहार के सभागार में राज्य स्तरीय प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में क्षेत्रीय तथा जिला अनुश्रवण एवं मूल्यांकन पदाधिकारियों को जन्म-मृत्यु निबंधन की अनिवार्यता, इसके लाभ एवं इसे क्रियान्वित करने के लिए सिविल रजिस्ट्रेशन सिस्टम की कार्यप्रणाली की जानकारी दी गयी। श्री शषि भूषण कुमार, सचिव, स्वास्थ्य-सह-कार्यपालक निदेषक, राज्य स्वास्थ्य समिति, बिहार की अध्यक्षता में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में भारत सरकार के रजिस्ट्रार जनरल की ओर से विकसित की गयी सिविल रजिस्ट्रेशन सिस्टम के तहत जन्म-मृत्यु निबंधन अधिनियम-1969 के तहत प्रत्येक जन्म-मृत्यु की जानकारी संबंधित क्षेत्र के निबंधक, जन्म-मृत्यु को उपलब्ध कराये जाने एवं इसे नई प्रणाली के तहत अद्यतन करने की विस्तृत जानकारी दी गयी। कार्यपालक निदेशक ने जन्म-मृत्यु निबंधन के सकारात्मक पहलू पर अपने विचार रखे। उन्होंने व्यक्ति विशेष तक योजनाओं का समुचित लाभ पहुंचने एवं उनकी पहचान सुनिश्चित होने के लिए इसे अनिवार्य बताया।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में अर्थ एवं सांख्यिकी निदेशालय, बिहार के विशेषज्ञों द्वारा सिविल रजिस्ट्रेशन सिस्टम को क्रियान्वित करने में स्वास्थ्य विभाग की भूमिका पर अपना प्रजेंटेशन प्रस्तुत किया। विशेषज्ञों ने जन्म/मृत्यु स्थल क्षेत्रों के सभी अस्पतालों, नर्सिंग होम, हेल्थ सेंटर पर हुए प्रत्येक घटनाओं की जानकारी अविलंब संबंधित क्षेत्र के निबंधक, जन्म एवं मृत्यु को दिये जाने को अनिवार्य बताया। साथ ही इस कार्य के लिए सिविल रजिस्ट्रेशन सिस्टम की आॅनलाईन प्रणाली के संचालन की भी जानकारी दी। प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों के समक्ष ह्युमन मैनेजमेंट इन्फोरमेशन सिस्टम (HMIS) रिप्रोडक्टिव चाइल्ड हेल्थ वेब पोर्टल (RCH Web Portal) ह्युमन रिसोर्स इंर्फोरमेशन सिस्टम (HRIS) के अद्यतन प्रगति की भी समीक्षा की गयी। साथ ही प्रतिभागियों को इन आॅनलाईन प्रणालियों के सुचारू संचालन से सिविल रजिस्ट्रेशन सिस्टम के कार्यप्रणाली में सहायता मिलने की जानकारी दी गयी।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में श्री प्रदीप कुमार झा, अपर कार्यपालक निदेशक, राज्य स्वास्थ्य समिति, बिहार एवं श्री खालिद अरशद, प्रशासी पदाधिकारी, राज्य स्वास्थ्य समिति, बिहार ने भी भाग लेते हुए जन्म एवं मृत्यु के दस्तावेजीकरण की दिशा में सिविल रजिस्ट्रेशन सिस्टम को अब तक का सबसे आधुनिक एवं अद्यतन प्रणाली बताया। शीर्ष अधिकारियों ने इस प्रणाली के प्रयोग से सटीक डाटा का पता लगाने एवं स्वास्थ्य सेवाओं के अनुश्रवण के लिए भी लाभदायक बताया।

श्री अरविंद कुमार, सिस्टम एनालिस्ट-सह-डाटा आॅफिसर, राज्य स्वास्थ्य समिति, बिहार के धन्यवाद ज्ञापन के साथ प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापण किया गया।

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