बिहार की मौजूदा स्थिति में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पास ये विकल्प दिखते हैं—

1..जदयू लगातार राजद पर दबाव बढ़ाने के लिए इस्तीफे की मांग करते रहे और तेजस्वी के इस्तीफे को लेकर माहौल बनाए.. जिसकी शुरुआत हो चुकी है।
2..नीतीश कुमार इस्तीफा दे,विधानसभा भंग कर दें क्योंकि ऐसा नीतीश पहले भी कर चुके है।
3…नीतीश कुमार,राजद से अलग हो,भाजपा से बाहर से समर्थन ले और सरकार चलाए।
4..नीतीश कुमार इस्तीफा दे,बीजेपी के साथ चुनाव में चले जाए
5…मध्यावधि चुनाव की स्थिति नीतीश बनाएं और नीतीश कुमार अकेले चुनाव में जाएं।

6…नीतीश कुमार कांग्रेस को विश्वास में लेकर और राजद के कुछ विधायकों को तोड़कर भी अपना टारगेट पूरा कर सकते है।

राजद सुप्रीमो लालू यादव के पास यह है विकल्प…

1…लालू यादव तेजस्वी का इस्तीफा दिलाकर,तेज़ प्रताप को उपमुख्यमंत्री बना दें।

2…तेजस्वी को इस्तीफा देकर अब्दुलबारी सिद्दीकी को उपमुख्यमंत्री बना दे,जिससे उनका माई समीकरण एक बार फिर काफी मजबूत हो जाएगा और बिहार में महागठबंधन भी बरकरार रहेगा।

3…जदयू के दबाव के बाद तेजस्वी यादव के साथ साथ सभी मन्त्रियों का एक साथ इस्तीफा दिलवाए और सरकार से बाहर निकलकर अपना समर्थन जारी रखे।

4…नीतीश कुमार के बर्खास्ती का इंतजार करें फिर समर्थन वापस कर मध्यावर्ती चुनाव में जाए।

5…कांग्रेस को विश्वास में लेकर लालू यादव वामदल के साथ जोड़ तोड़ कर सरकार बनाने की कोशिश करे।

6…कांग्रेस के आलाकमान सोनिया गांधी और राहुल गांधी के माध्यम से नीतीश पर दबाव बनाए की जदयू इस्तीफे की बात फिलहाल ना करे क्योंकि अभी केवल एफ आई आर हुआ है

loading...

LEAVE A REPLY