मुजफ्फरपुर के बाजार मे छोटे सिक्कों की आयी बाढ़ ।दुकानदार करने लगे हैं आनाकानी । ग्राहकों को हो रही है परेशानी। बैंकों ने लगाई एक हजार रूपयों की लिमिट इससे ज्यादा किसी को एक दिन में नही मिलेंगे सिक्के।
मुजफ्फरपुर के बाजार मे आजकल एक अफवाह जोरों से फैल रही है कि कोई भी छोटे सिक्के नही चलेंगे । छोटे दुकानदारों और हाट बाजार मे छोटे सिक्के को लेकर रोज किच किच हो रही है ।दरअसल नौ महीने पहले जब केंद्र सरकार ने नोटबंदी की थी ,तब रूपयों की किल्लत को पाटने के लिए सरकार ने जमकर सिक्कों को बाजार मे उतारा था ॥कोई विकल्प नहीं रहने के कारण आम लोगों ने भी सिक्के का उपयोग कर अपनी जरूरत पूरी की थी ॥धीरे धीरे बाजार मे बडे़ नोट भरपूर मात्रा मे आ गये ॥ बैंको मे ग्राहकों की भीड़ होने के कारण प्रति ग्राहक एक हजार रूपये से अधिक का सिक्का लिये जाने पर अघोषित रूप से रोक लग गयी ॥
पान और चाय की दुकान चलाने वाले छोटे दुकानदारों से उनके यहाँ सामान पहुंचाने वाले हौकर ने सिक्के लेना बंद कर दिया ॥
इन हौकर का कहना है कि हमें रोजाना पांच से दस हजार रूपयों के सिक्के बाजार से वसूली होती हैं ।और बैंक केवल एक हजार के सिक्के ही लेता है ॥ हम इन सिक्के का क्या करेंगे ।

वहीं दुकानदारों ने बाजार के ग्राहकों से एक ,दो ,पांच और दस रूपये के सिक्के लेना बंद कर दिया है ॥
छोटा सी दुकान चला रहे सिगरेट दुकानदार अपने पास से सिक्के की पोटली निकाल कर गिनते हुए कहते हैं कि हजार रूपये के सिक्के हैं इन्हें कोई लेना नहीं चाह रहा ।हम और सिक्के लेकर क्या करेंगे ॥

पान मसाले की दुकान चला रहे दुकानदार कहते हैं कि पैसे का अंतिम पडाव बैंक है ।जब बैक ही सिक्के नहीं ले रहा है तो हम क्यों लें ॥

पूरे मामले पर जब स्टेट बैंक औफ इंडिया के महाप्रबंधक व्यवसाय एवं परिचालन (मनोज मेहरोत्रा)से पूछा गया तो उनका जबाव कुछ इस तरह था ।
सभी छोटे सिक्के लीगल टेंडर हैं ,पर ग्राहक रूकना नहीं चाहते इसलिए बैंक प्रति ग्राहक एक हजार रूपये से अधिक का सिक्का स्विकार नहीं कर रहें हैं ।

loading...

LEAVE A REPLY