लोग कह रहे हैं रूबी राय से बहुत बेहतर है गणेश, जी हाँ…गणेश को कुछ ज्ञान तो हैं लेकिन इतना नहीं है कि वह टॉपर बन सके. जब मीडिया वालों ने संगीत विषय से सवाल पूछा, गद्य और पद्य में क्या अंतर है? तो उत्तर देने के बदले चुपचाप रहा. सुर-ताल में क्या फर्क है? जब हम जोर से और धीरे बोलते हैं, तो उसे ही सुर-ताल कहते हैं. गणेश का जवाब ही टॉपर की हकीकत को बयान करता हैं. उसे हिंदी में उसे 100 में 92 और संगीत में 100 में 83 अंक मिले हैं.

मीडिया में छपी रिपोर्ट के अनुसार गणेश कुमार छह साल (2009 से 2014) तक झारखंड के गिरिडीह के सरिया में चिट-फंड कंपनी चलाता था. इस बीच चिट-फंड कंपनी में घाटा होने के बाद गणेश कुमार अपना शहर छोड़ कर समस्तीपुर आ गया. फिर इसकी दूसरी कहानी शुरू हुई. समस्तीपुर में काम की तलाश की.

इसके बाद ट्यूशन करना शुरू किया. फिर पढ़ाई करने की सोची. उसने संजय गांधी हाइस्कूल, लक्षमिनिया, शिवाजीनगर से मैट्रिक की परीक्षा पास की. इसके बाद रामनंदन सिंह जगदीप नारायण उच्च माध्यमिक इंटर काॅलेज, चकहबीव से इंटर की परीक्षा दी. इस कॉलेज को इंटर की परीक्षा के लिए इसलिए चुना कि उसे क्लास नहीं करना पड़े.

टॉपर गणेश कुमार को संगीत की जानकारी हो या न हो, लेकिन उसे कॉलेज ने दोनों हाथों से अंक दिये. 100 अंक के संगीत में उसे 83 अंक मिले हैं. प्रैक्टिकल में 65 अंक और थ्योरी में 18 अंक प्राप्त हुए हैं, जबकि संगीत का एबीसी भी गणेश कुमार को नहीं आता है.

बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की मानें तो इस बार सारे टॉपर की उत्तर पुस्तिका की पूरी जांच हुई थी. गणेश की उत्तर पुस्तिका में उत्तर लिखने में कोई कमी नहीं है. सारे उत्तर सही से लिखे गये हैं. समिति से मिली जानकारी के अनुसार गणेश के सारे विषयों में अंक सही हैं. उसकी मेरिट में कोई दिक्कत नहीं है. सवाल यहीं हैं कि गणेश ने आखिर कैसे सभी सवालों से एकदम सही सही उत्तर लिखे जब उसको जानकारी नहीं है?

loading...

LEAVE A REPLY