सुप्रीम कोर्ट ने 16 दिसंबर 2012 के सनसनीखेज सामूहिक दुष्कर्म और हत्याकांड के चारों दोषियों को  फांसी की सजा पर अपनी मुहर भी लगा  दी है |दिल्ली  हाईकोर्ट के फैसले  को बरक़रार रखते हुए देश की सर्वोच्च अदालत ने कहा कि इस अपराध ने देश में हर तरफ ‘सदमे की सुनामी ‘ ला दी थी |अपने 421 पेज के फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह विरलतम अपराध की श्रेणी में आता है ,जिसमे बर्बरता के साथ पैरा मेडिकल छात्रा पर पैशाचिक हमला किया गया |दोषियों ने पीडिता की अस्मिता लूटने के इरादे से उसे सिर्फ मनोरंजन का साधन समझ इस जघन्य घटना को अंजाम दिया |

इस फैसले से सारा मुल्क खुश है |सभी को पुलिस और कोर्ट पर पहले से ज्यादा यकीन करने का सार्थक कारण मिल गया है |अब मुकेश सिंह ,अक्षय ठाकुर ,विनय शर्मा और पवन गुप्ता को तिहाड़ जेल में बंद रह कर अपनी फांसी का इंतजार करना है |अब भी कुछ ऐसी  प्रक्रिया बच  गई है जिसे हाई कोर्ट से निपटाने के बाद इन अपराधियों को फांसी के फंदे पर झूलना ही होगा |इस घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए इसकी भी कोई उम्मीद नहीं है राष्ट्रपति से कोई दया या रहत जैसी चीज इन दरिंदों को मिलेगी |

 

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