बिहार और नेपाल के जंगलों में पाई जाने वाली दुर्लभ छिपकली ‘गेको’ की कीमत आपको चौंका सकती है। इंटरनेशनल मार्केट में इसकी कीमत 40 से 70 लाख रुपए बताई जाती है। बता दें कि इतनी कीमत BMW-1 सीरीज और मर्सडीज बेंज की A और B क्लास की कारें आ जाती हैं। बिहार के किशनगंज में रेलवे स्टेशन पर कामाख्या एक्सप्रेस से सोमवार की सुबह एसएसबी के 12वीं बटालियन के जवानों ने दुर्लभ टॉके की गेको प्रजाति की दो जिंदा छिपकलियों के साथ दो तस्करों को अरेस्ट किया है। जानिए क्यों इतनी कीमती है ये छिपकली

 

ये भी जरुर पढ़े :- छूट में ली गयी गाड़िया पड़ेगी महगी , जाने क्यों..

– तस्कर ट्रेन से उतरने के बाद छिपकली को किशनगंज के दूसरे युवक को देने के इंतजार में थे।
– इसी दौरान एसएसबी, आरपीएफ, जीआरपी और वन विभाग की संयुक्त टीम ने कार्रवाई को अंजाम दिया।
– छिपकलियों को वन विभाग किशनगंज के हवाले कर दिया गया हैं।
– बताया जाता है कि पिछले साल जुलाई में भी स्थित एसएसबी के 19वीं बटालियन ने एक टॉके छिपकली सहित चार तस्कर को अरेस्ट किया था।
– सोमवार को किशनगंज रेलवे स्टेशन के पास चार घंटों तक घात लगाए सुरक्षा बलों के संयुक्त ऑपरेशन में गिरफ्तार तस्करों के तार मेघालय के गारो हिल्स से जुड़े हैं।
– जानकारी के अनुसार जब्त छिपकलियां गारो हिल्स से तस्करी के माध्यम से पहले असम के बोंगाईगांव और कोकराझार फिर किशनगंज तक पहुंची। किशनगंज में छिपकली सुपुर्द कर पांच लाख रुपए लेने की डील थी

– 12वीं बटालियन के डिप्टी कमांडेंट कुमार सुंदरम ने बताया कि दो तस्करों को अरेस्ट किया गया हैं।
– पूछताछ में एक ने अपना नाम सहार अली, पिता जैरूदीन बताया है जो असम के बरपेटा का रहने वाला है।
– दूसरे ने अपना नाम हमीदुल रहमान पिता मो. अली बताया है जो असम के ही कोकराझार का रहने वाला है।
– अरेस्ट तस्कर किशनगंज के कपिलदेव नामक व्यक्ति छिपकलियां सुपुर्द करने आए थे जिसके लिए उन्हें पांच लाख रुपए मिलने थे।
– कपिलदेव असम के बोंगाईगांव में जेसीबी मशीन चलाने का कार्य करता था।
– बोंगाईगांव की महिला बगई केली को उसने छिपकली देने को कहा था और दो हजार रुपए भी दिए थे।
– उसी महिला ने दो छिपकलियां सहार अली को देकर फोन पर कपिलदेव से बात करके किशनगंज में छिपकली सुपुर्द कर पांच लाख रुपए लेने की डील फाइनल की थी।

loading...

LEAVE A REPLY