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पटना : बीएसएससी पेपर लीक कांड मामले में आईएएस सीके अनिल खिलाफ अब सरकार इश्तेहार निकालने के लिए कोर्ट में आवेदन दिया है. मिली जानकरी के अनुसार कोर्ट अब जल्द ही अखबार में इश्तेहार जारी कर सीके अनिल को दस दिनों के भीतर एसआइटी के सामने उपस्थित होने का निर्देश देगी. सीके अनिल को एसआईटी ने पूछताछ के लिए कई बार बुलावा भेजा था, लेकिन अभी तक सीके अनिल एसआईटी के सामने नहीं आये हैं और पिछले कई दिनों से अंडरग्राउंड चल रहे हैं. ऐसे में एसआईटी ने 1991 बैच के आईएएस सीके अनिल के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट के लिए कोर्ट में अर्जी देने की तैयारी में है और सूत्रों के अनुसार जो खबर आ रही है, उसके अनुसार कोर्ट ने सीके अनिल की गिरफ्तारी के खिलाफ वारंट जारी करने के अंतिम चरण की प्रक्रिया चल रही है.

सूत्र बताते हैं कि सीके अनिल पर पर्चा लीक करने सहित सबूतों से छेड़छाड़ और नष्ट करने का आरोप है. साक्ष्य और अध्यक्ष सुधीर कुमार के बयान पर उनकी गिरफ्तारी का वारंट जारी करने के लिए एसआइटी ने कोर्ट में अर्जी दी. बताते चलें, आईएएस सीके अनिल की छवि सख्त और ईमानदार अफसर के रूप में रही है. शहाबुद्दीन के भय के साम्राज्‍य को तहस-नहस करने का श्रेय आइएएस सीके अनिल को ही जाता है.   तेजाब कांड के समय सीके अनिल सीवान के डीएम थे और उन्होंने निष्पक्ष रूप से पूरे में कार्रवाई की थी.

 

इधर विधानसभा में शुक्रवार को बीएसएसएसी पेपर लीक मामले में हुए नये खुलासे को लेकर विपक्ष ने जमकर हंगामा किया. भाजपा सदस्यों के हंगामे के बीच विधानसभा अध्यक्ष ने नेता प्रतिपक्ष को चेतावनी दी और कहा कि वे अपने विधायकों को हंगामा करने से रोकें, नहीं तो उनपर कार्रवाई की जायेगी. उधर, बीएसएससी प्रश्न-पत्र लीक मामले में आइएएस अधिकारी सुधीर कुमार की गिरफ्तारी का विरोध आइएएस अधिकारियों की परेशानी बढ़ा सकता है.

 

वहीं आइएएस अधिकारियों को नोटिस भेजे जाने पर भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि राज्य में सरकार इमरजेंसी जैसी स्थिति पैदा करना चाहती है. इन सबके बीच भाजपा नेता प्रेम कुमार ने पेपर लीक मामले की जांच केंद्रीय जांच एजेंसी से कराये जाने की मांग करते हुए आइएएस अधिकारियों को नोटिस जारी किये जाने को अलोकतांत्रिक करार दिया है. इससे पहले आज सुबह बीएसएससी पेपर लीक मामले को लेकर विधानसभा परिसर में भाजपा सदस्यों ने हंगामा करते हुए मामले की जांच सीबीआइ से कराये जाने की मांग करते हुए नारेबाजी की.

इस बारे में भाजपा एमएलसी विनोद नारायण झा ने कहा कि एसआइटी की जांच में नए खुलासे चौंकानेवाले है. उन्होंने मांग करते हुए कहा कि सीएम नीतीश इन नये खुलासे के बाद अविलंब करें कार्रवाई. गौर हो कि बीएसएससी पेपर लीक केस में आयोग के पूर्व सचिव और मुख्य आरोपियों में से एक परमेश्वर राम के जब्त मोबाइल ने इस मामले में कई राज उगले हैं. जिससे पेपर लीक प्रकरण में नया मोड़ आ गया है. रिमांड पर आए पूर्व सचिव परमेश्वर राम के मोबाइल से एसआइटी को बिहार के मंत्री-विधायक, पूर्व सांसद और एक बड़े आइएएस अधिकारी के नंबर मिले हैं.

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