नीतीश सरकार में शामिल जयश्री राम का नारा लगाने वाले मंत्री खुर्शीद आलम के खिलाफ फतवा जारी किया गया है।यह फतवा इस्लामिक संगठन इमारते शरिया के मुफ्ती सोहैल अहमद आसमी ने जारी किया है।इसके बाद से पॉलिटिकल कॉरिडोर में हलचल मच गया है।उधर खुर्शीद आलम ने कहा है कि उन्हें ऐसे फतवे से कोई डर नहीं है।

पिछले दिनों बिहार विधानसभा के बाहर सिकटा के विधायक खुर्शीद आलम ने मंत्री बनने के पहले जय श्रीराम का नारा लगाया था। इसके बाद उन्हें मंत्री बनाया गया। चर्चा है कि जयश्री राम का नारा लगाने के कारण ही उन्हें मंत्री बनाया गया है। खुर्शीद आलम को अब इस ऐवज में फतवे का सामना करना पड़ रहा है।इस्लामिक संगठन इमारते शरिया के मुफ्ती सोहैल अहमद आसमी ने खुर्शीद आलम के ऊपर फतवा जारी किया है।फतवा में यह कहा गया है कि इस गलती से खुर्शीद आलम का निकाह भी टूट गया है।फिर से गलती का पश्चाताप करने के बाद दोबारा उनका निकाह करना होगा।

इतना ही नहीं, फतवे में यह चेतावनी दी गई है कि ऐसा करने से उन्हें इस्लाम से बेदखल कर दिया जाएगा।इधर फतवे के जवाब में खुर्शीद आलम ने कहा है कि उन्हें ऐसे फतवे से कोई डर नहीं, वे मरने से नहीं डरते।फतवा देने से पहले उनसे किसी ने बात नहीं की। उन्होंने कहा कि फतवे का जवाब मैं नहीं दूंगा, फतवे का जवाब मेरा काम देगा।

फतबे के बाद बिहार की सियासत गर्म हो गई है,राजद फतबे का समर्थन कर रहा है…अब्दुल बारी सिद्दीकी का कहना है कि सियासत फायदे के लिए धर्म का मजाक बनाना सही नही है।

फतबे के बाद सत्ता दल इसका विरोध कर रहे है उनकी माने तो यह फतबा विपक्ष की साजिश है…क्योंकि हमारे देश मे राम सभी धर्मों में आर्दश है…बीजेपी के मुस्लिम नेता ने भी फतबे का ना सिर्फ विरोध किया बल्कि कैमरे के सामने जय श्री राम के नारे भी लगाए।

बता दें कि विधानसभा में बहुमत साबित होने के बाद खुर्शीद आलम विधानसभा के बाहर आए थे और जय श्रीराम के नारे लगाए थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि यदि ऐसा करने से बिहार का कल्याण होता है तो जयश्री राम का नारा हमेशा लगाएंगे।

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