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एक बार फिर से हम लोगों को गांधी जी के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने की जरूरत है। शराब की वजह से समाज लगातार बर्बाद हो रहा था, इसलिए इसे बिहार में बंद करने का निर्णय लिया गया। शराबबंदी के बाद अब नशा मुक्ति पर भी हम काम कर रहे हैं। हमारी अगली कोशिश दहेज मुक्त बिहार बनाने की होगी। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सोमवार को पटना में चंपारण सत्याग्रह शताब्दी समारोह के शुभारंभ के अवसर पर बोल रहे थे। उन्होने कहा कि बिहार को दहेज मुक्त करने के साथ ही बाल विवाह पर भी रोक लगाने को लेकर काम जारी है।

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उन्होने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि महात्मा गांधी के विचारों को न मानने वाले लोग भी आज उनके शताब्दी समारोह मना रहे हैं। महात्मा गांधी को सिर्फ नोटो पर छाप देने से काम चलने वाला नहीं है। उनके विचारों और सिधांतो को भी आत्मसात करना होगा। कार्यक्रम के दौरान नीतीश कुमार ने साईकिल योजना की भी चर्चा की और इसे भी एक सामाजिक बदलाव का कारक बताया। इस कार्यक्रम में गोपालकृष्ण गांधी, चंद्रशेखर धर्माधिकारी, प्रेरणा देसाई, मेधा पाटेकर, रजी अहमद, राजेंद्र सच्चर, सच्चिदानंद, टी सुब्बा राव, तेजस्वी यादव, अशोक चौधरी भी मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अब बिहार में शराबबंदी के बाद दहेज बंदी की बारी को लेकर मुहिम छेड़ दी है। उनका मानना है कि समाज में सुधार किये बगैर देश और राज्य का विकास संभव नहीं है। ऐसे में अब बिहार में शराबबंदी के बाद अगला परिवर्तन दहेज मुक्ति को लेकर देखने को मिल सकता

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