टीम इंडिया के पूर्व कप्तान और क्रिकेट खिलाड़ी महेंद्र सिंह धोनी के आधार कार्ड से जुड़ी जानकारियों के लीक मामले में सरकार ने कार्रवाई की है. बुधवार को सरकार ने जानकारी लीक करने के आरोप में संबंधित एजेंसी पर दस साल का बैन लगा दिया है.

 

बता दें कि नागरिकों का आधार कार्ड बनाने में भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) की मदद करने वाली एक एजेंसी ने कुछ ज्यादा उत्साहित होते हुए क्रिकेट खिलाड़ी महेन्द्र सिंह धोनी के आधार कार्ड की जानकारी को ट्विटर पर शेयर कर दिया था.
केंद्रीय कानून, सूचना और प्रौद्योगिकी मंत्री रवि शंकर प्रसाद को धोनी की पत्नी ने ट्वीट करके इसकी जानकारी भी दी और रोष जताया. दरअसल, एजेंसी के कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) ने 27 मार्च को अपने ट्विटर हैंडल से ट्वीट करते हुए लिखा था- क्रिकेटर महेंद्र सिंह धोनी और उनके परिवार ने वीएलई मारिया फारूकी के सीएसई रांची, झारखंड के केन्द्र से अपना आधार कार्ड अपडेट कराया.

इस ट्वीट में प्रसाद को भी टैग किया गया था. ट्वीट में सीएसई प्रतिनिधि के साथ एक फोटो भी शेयर किया गया था. यही नहीं, इसमें क्रिकेटर की निजी जानकारियां भी थी. बाद में इस ट्वीट को हटा लिया गया.

 

इस पूरे मामले पर धोनी की पत्नी साक्षी ने ट्वीट किया था- क्या कुछ निजता बची हुई है? आधार कार्ड की जानकारी और आवेदन समेत को सबको सार्वजनिक कर दिया गया है. मंत्री ने साक्षी को इस मुद्दे को संज्ञान में लाने के लिए धन्यवाद दिया. उन्होंने कहा था- निजी जानकारी साझा करना गैरकानूनी है. कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

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