शराबबंदी के विरोध में आज माले कार्यकर्ताओं ने बिहटा थाना का घेराव किया और सरकार को चेतावनी दी कि संविधान में शराब बनाना शराब पीना जुर्म नहीं है तो बिहार सरकार इस पर पाबंदी क्यों लगाई? करीब 100 की संख्या में पहुंचे माले कार्यकर्ताओं ने थाने का घेराव किया.

उन्होंने कहा कि पुलिस मनमाने ढंग से निर्दोष लोगों को भी उठा कर शराब बनाने और बेचने के अलावा पीने का आरोप लगाकर जेल में बंद कर दे रही है. जबकि बिहटा थानाध्यक्ष रमाकांत तिवारी ने बताया कि सरकार के निर्देश का पालन किया जा रहा है. शराबबंदी को सख्त रुप से लागू करने के सरकार के निर्देश के बाद जिला भर से करीब 600 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया था.

माले कार्यकर्ताओं द्वारा आज किये जा रहे थाना घेराव कार्यक्रम के दौरान बिहटा के सड़को को भी जाम किया है. शराबबंदी के नाम पर पुलिस गरिबों को परेशान करने का काम करती है और साथ ही महिलाओं के साथ मारपीट भी किया जाता है.

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