पटना : नीतीश कुमार का एनडीए के राष्ट्रपति उम्मीदवार रामनाथ कोविंद को समर्थन देने के बाद से ही महागठबंधन में जो खलबली मची है वो अभी तक कम होने का नाम नहीं ले रही है। जदयू द्वारा राष्ट्रपति उम्मीदवार रामनाथ कोविंद को समर्थन देने के बाद राजद और कांग्रेस के नेताओं ने लगतार नीतीश प्रहार किया। तो इधर जदयू के नेता भी कड़े जबाब देने में पीछे नहीं रहे और अपने पार्टी अपने निर्णय पर कायम रही। हालांकि इधर पिछले हफ्ते राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार ने अपने अपने प्रवक्ताओं को संयम रखते हुए कोई भी बयान देने के लिए आगाह किया था। ऐसे में लोगों को उम्मीद थी अब धीरे धीरे महागठबंधन में सबकुछ ठीक हो जाएगा, लेकिन ऐसे आसार तो बिलकुल नहीं दिख रहे है।
लेटेस्ट अपडेट यह है कि महागठबंधन में रार और बढ़ गयी है। सूत्रों के अनुसार जो खबर मिल रही वह बताती है कि अब नीतीश और उनकी पार्टी जदयू लालू के द्वारा 27 अगस्त को आयोजित रैली में भाग नहीं लेंगे।
रविवार को जदयू पार्टी आफिस में बैठक के द्वारा यह निर्णय लेने की बात कही जा रही है। हालांकि अभी तक इस बारे में जदयू की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। लेकिन तय माना जा रहा है कि आज शाम तक इसकी घोषणा भी कर दी जाएगी। अब ऐसे में राजद और कांग्रेस जदयू पर एक बार फिर हमलावर हो सकता है।

बाते चलें, आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने 27 अगस्त को पटना के गांधी मैदान में गैर-बीजपी दलों को एकजुट करने के लिए रैली का आह्वान किया है। जिस तरीके से लालू और उनके परिवार के खिलाफ बीजेपी नेता सुशील कुमार मोदी बेनामी संपत्ति अर्जित करने को लेकर खुलासा कर रहे हैं इसी के बाद लालू ने 27 अगस्त को बीजेपी के खिलाफ इस रैली का आह्वान किया है.

पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में होने वाले इस रैली को सफल बनाने के लिए लालू प्रसाद ने तैयारियां शुरू कर दी हैं. इसे लेकर 5 जुलाई को लालू ने अपने आवास पर पार्टी के पदाधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक भी बुलाई है. इस बैठक में आरजेडी के सभी विधायक, विधान पार्षद, प्रदेश अध्यक्ष, युवा राजद, छात्र युवा राजद, और आरजेडी के विभिन्न प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष और जिला अध्यक्ष हिस्सा लेंगे.

गौरतलब है कि 27 अगस्त को होने वाली है इस रैली के लिए लालू ने विरोधी दलों के तमाम नेताओं को आमंत्रित किया है. कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी, तृणमूल कांग्रेस और डीएमके के नेताओं को न्योती भेजा गया है. समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव, बहुजन समाज पार्टी की नेता मायावती, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने लालू के न्योते को स्वीकार किया है और इस रैली में शिरकत करेंगे.

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