पटना। कला, संस्‍कृति एवं युवा विभाग के मंत्री श्री शिवचंद्र राम ने आज पटना स्थित कालीदास रंगालय में पटना शॉर्ट फिल्‍म फेस्टिवल (छोटा सिनेमा) 2017 का उद्घाटन करते हुए कहा कि बिहार में जल्‍द ही फिल्‍म नीति लागू हो जाएगी, जिससे राज्‍य के कलाकारों को विशेष लाभ मिलेगा। इसके लिए फिल्‍म नीति में विशेष प्रावधान किया गया है। उन्‍होंने पटना शॉर्ट फिल्‍म फेस्टिवल (छोटा सिनेमा) के आयोजकों को बधाई देते हुए कहा कि यह आयोजन अपने आप में अनोखा है, जिसमें सिर्फ राज्‍य के फिल्‍म मेकरों की फिल्‍म दिखाई जा रही है।

श्री राम ने कहा कि इस तरह के आयोजनों से राज्‍य में फिल्‍मों का सर्वागींण विकास होगा. राज्‍य सरकार बिहार में कला और सिनेमा के विकास के लिए कृत संकल्पित है। इसके लिए हाल ही में इंटरनेशनल फिल्‍म फेस्टिवल से लेकर रीजनल फिल्‍म फेस्टिवल के अलावा भी अन्‍य कई तरह के आयोजन किए गए, जो दर्शाता है कि बिहार में फिल्‍मों के लिए बेहतर माहौल है। उन्‍होंने कहा कि फिल्‍में विचारों को जन – जन तक पहुंचाने का काम करती है, इसलिए अभी चंपारण सत्‍याग्रह शताब्‍दी समारोह वर्ष के अवसर पर विभाग की ओर से पटना समेत राज्‍य के अन्‍य कई जिलों में गांधी जी से जुड़ी फिल्‍मों का प्रदर्शन भी किया जा रहा है। इससे हमारी युवा पीढ़ी को गांधी जी के विचारों को जानने और समझने का मौका मिलेगा, जो आज के दौर में भी प्रासंगिक हैं।

वहीं, आज पटना शॉर्ट फिल्‍म फेस्टिवल (छोटा सिनेमा) 2017 के पहले दिन आठ फिल्‍मों का प्रदर्शन किया गया।  आज की पहली फिल्म प्रणव शाही निर्देशित बुद्धा कम्स टू बोध गया थी। कुल मिलाकर पाँच मिनट कि इस फिल्म मे महात्मा बुद्ध के आदर्शों को दिखाया गया है, जो बौद्ध धर्मालंबियों के बीच गिरते बौद्ध आदर्शो के प्रति आगाह करती है। दूसरी फिल्म के रूप मे रूचिन वीणा चैनपुरी निर्देशित और  मो.एजाज हुसैन द्वारा फिल्मांकित एंव संपादित फिल्म नाईन थी। यह बाईस मिनट कि फिल्म है। इसमें बॉडी पेन्टिग्स करनेवाले दो कलाकारो की कहानी है।

आज प्रदर्शित होने वाली तीसरी फिल्‍म फिल्म ललका गुलाब थी, जिसके निर्देशक अमित मिश्रा ने बताया कि इस फिल्म में दो पीढि़यों के बीच के अंतर एंव आज के आर्थिक युग के कारण पारिवारिक रिश्तों मे बढती दूरियों को न्यूयार्क शहर में रह रहे एक परिवार के दादा- पोते के रिश्ते के सहारे  दिखाया गया है। मनमीत सिंह अलबेला की फिल्म पाप का भी प्रदर्शन किया गया, जो एक गुंगी- बहरी लड़की के साथ छेड़छाड़ पर आधारित थी।  इसके अलावा गुप्तेश्वर कुमार निर्देशित मीना कुमारी आधारित फिल्म चांद तंहा और जल संरक्षण के आवश्यकता को दर्शाती फिल्म दिपा मणीकर्णीका द्वारा निर्देशित तीन मिनट की फिल्म वाटर भी दिखाई गई। दिपा मणीकर्णीका द्वारा निर्देशित एक अन्‍य फिल्‍म फन फोटो फेसबुक दिखाई गई, जो महिला सशक्तिकरण पर आधारित थी.

लैंगिक समानता के मुद्दे को उठाती धनशील कुमार की फिल्म व्हाटस् मॉय प्राइस टैग को प्रर्दशित की गई, जिसे सिने दर्शकों द्वारा खूब पसंद किया गया. आज के आयोजन के अंत में भारतीय सैनिको को समर्पित फिल्म संदेश दिखाया गया, जो सीमांत प्रधान द्वारा निर्देशित किया गया है. इस अवसर पर भूतपूर्व नौसैनिक सुखदेव प्रसाद द्वारा इको -फ्रेन्डली पेन्टिग्स की एकल प्रदर्शनी लगायी गयी है.  आज के आयोजन मे मॉडरेटर के रूप में   फिल्म समीक्षक विनोद अनुपम थे, जिन्होंने आज प्रदर्शित फिल्मों के निर्देशकों से बातचीत की. वहीं, पटना शॉर्ट फिल्‍म फेस्टिवल (छोटा सिनेमा) 2017 उद्घाटन समारोह में  आर. एन. दास, कु. अनुपम, मो. सी.अंसारी, गौतम दास गुप्ता, प्रदीप गांगुली, प्रेमलता मिश्रा, जनसंपर्क अधिकारी रंजन सिन्‍हा, समारो‍ह के डायरेक्‍टर कुमार रविकांत, धीरेन्द्र तिवारी, अभय सिन्हा, विनय कुमार आदि अनेक गणमान्य लोग उपस्थित थे.

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