उतर-प्रदेश विधानसभा चुनाव नतीजा आने के बाद मायावती, अखिलेश, और बीजेपी को छोड़कर प्रदेश की सभी राजनीतिक पार्टियों ने evm मशीन में छेड़-छाड़ का आरोप लगाया था. जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट में भी वकील मनोहर लाल शर्मा ने याचिका दायर कर evm मशीन की जाँच करवाने की मांग किया. हलांकि सुप्रीम कोर्ट ने 27 मार्च को इस सुनवाई के लिए 8 हफ्तों का समय दिया. बहरहाल सुनवाई होना अभी बाकि है.

इनसब के बीच ताजा मामला मध्यप्रदेश भिंड से है, जहां दो विधानसभा सीटों पर 9 अप्रैल को उपचुनाव होना है. इसको लेकर जब evm मशीनों की जाँच की गई तो बटन किसी पार्टी का दबावों वोट बीजेपी के खाते में जाते दिखा, ऐसा कहना है कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंग का, उनके मुताबिक मशीनों का उपयोग उतरप्रदेश चुनाव के दौरान भी किया गया था.

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-इसे कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने शेयर करते हुए लिखा, ‘उप्र में उपयोग की गईं मशीनों का कमाल. मप्र के अटेर उप चुनाव में राज्य चुनाव आयुक्त के सामने बटन दबाने पर कमल को वोट।’ – { जनसत्ता रिपोर्ट}

– दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने लिखा, ‘बटन कोई भी दबाओ, वोट कमल को पड़ेगा…पर्ची में कुछ भी आए, प्रेस में नहीं आना चाहिए… नहीं तो पत्रकार को थाने में बिठा देंगे। लोकतंत्र खत्म.’-{ जनसत्ता रिपोर्ट}

– कहा जा रहा है कि ईवीएम के साथ जो VVPAT की मशीन लगी थी उसमें वोट डालने पर वह भाजपा की पर्ची निकली थी.

– अब चुनाव आयोग ने भिंड जिले के जिला मजिस्ट्रेट और एसपी पद के लिए नए नामों के सुझाव मांगे हैं. यह आदेश उन रिपोर्टों के आने के बाद लिया गया जिसके तहत यह बात सामने आई कि VVPAT वाली मशीनों में बटन दबाते ही बीजेपी के कमल के निशान की पर्चियां निकल रही हैं- एंडी टीवी.

– evm मुद्दे में सबसे बड़ी बात ये है कि एक ट्वीट इस प्रकार है जो बड़े धांधली के तौर पर दर्शता है:- भिंड में EVM का जो मामला सामने आया है यही मशीन UP चुनाव में इस्तेमाल की गयी। सत्यदेव कोई और नहीं योगी सरकार के मंत्री है. अब देखना होगा की इस खुलासे के बाद उतर-प्रदेश में विधानसभा चुनाव पर क्या प्रतिक्रिया आता है.

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