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न्यूज़ डेस्क: कहते है न कि सबसे ज्यादा ब्लैकमनी रीयल स्टेट में छुपाया जाता है वहीं बिहार एसएससी घोटाले के पैसे के साथ भी होना था. जागरण के रिपोर्ट के मुताबीक (बीएसएससी) पेपर लीक कांड का आरोपी अनंत प्रीत सिंह बरार उर्फ आनंद बरार ने एसआईटी की जाँच में बड़ा खुलासा किया है. वह हरियाणा के गुडग़ांव से सटे दिल्ली एनसीआर इलाके में ‘बिहार ग्राम’ बनाने की तैयारी कर रहा है. इस बिहार ग्राम में उसकी योजना थी कि मल्टी स्टोरी बिल्डिंग, डुप्लेक्स और बंगले बनाए जाएंगे.

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इस बिहार ग्राम में बिहार के आइएएस-आइपीएस अफसरों एवं नेताओं को फ्लैट दिए जाने हैं. कुछ बिहार प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों को भी मुहैया कराए जायेगा. एसआइटी के सूत्रों की मानें तो रिमांड पर पूछताछ के दौरान बरार ने खुद इसका खुलासा किया है. उसने बिहार में सेवारत तीन और आइएएस अधिकारियों के नाम उगले हैं, जिन्होंने उसकी योजना में निवेश किया है.

यहीं नहीं (बीएसएससी) के सचिव परमेश्वर राम को मुफ्त में फ्लैट देने की भी तैयारी चल रही थी. उसने इंटरस्तरीय प्रतियोगी परीक्षा के पेपर लीक कांड का ठीकरा सुधीर कुमार के सिर फोड़ा और कहा कि घोटाले के मुख्य सरगना तत्कालीन अध्यक्ष ही थे. उनके ही हस्ताक्षर से विनीत कुमार अग्रवाल को प्रश्नों की छपाई का ठेका मिला. उसे इवैल्यूएशन का काम भी सुधीर ने ही दिया था. परमेश्वर ने बिचौलिए की भूमिका अदा की थी. इसके एवज में उसे फ्लैट दिया जाना था.

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