पटना : अब जल्द ही बिहार में सभी प्रतियोगी परीक्षाएं ऑनलाइन ही ली जाएगी. बिहार कमर्चारी चयन आयोग पेपर लीक कांड से सबक लेते हुए बिहार सरकार अब राज्य प्रतियोगी परीक्षाओं को ऑनलाइन ही आयोजित करने का मन बना रही है है. गुरुवार को एक निजी चैनल से बातचीत बिहार के शिक्षा मंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि बिहार में अब प्रतियोगी परीक्षाओं को ऑनलाइन आयोजित कराने के लिए कम शुरू किया जा रहा है. जिस तरह इस बार बिहार कर्मचारी चयन आयोग की परीक्षा में धांधली हुई, उससे सबक लेते हुए राज्य सरकार परीक्षाओं के ऑनलाइन आयोजन पर तेजी से काम कर रही है.

 

 

नीतीश कुमार ने भी दी है सहमति 

अशोक चौधरी का कहना है कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी कहा है कि बिहार में परीक्षार्थियों के बेहतर भविष्य को देखते अब सभी प्रतियोगी परीक्षाएं ऑनलाइन आयोजित करने की जरूरत है. शिक्षा मंत्री ने कहा कि ऑनलाइन परीक्षा होने से धांधली की कम आशंका रहती है.  शिक्षा मंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि इस संबंध में दूसरी एजेंसियों से जानकारी इक्ट्ठा की जा रही है और इसे जल्द लागू किया जाएगा. अशाेक चौधरी ने कहा कि पहले प्रतियोगी परीक्षाओं में इसे लागू किया जाएगा. इससे बाद सफलता मिलने पर बोर्ड परीक्षा में भी इसे लागू किया जा सकता है. ऐसा करने से पेपर लीक जैसी घटनाओं पर रोक लगायी जा सकती है.

 

बीएसएसएस मामले के बाद राज्य सरकार की हुई बदनामी 

जिस तरह से बिहार में पिछले दिनों बीएसएससी पेपर लीक कांड का मामला सामने आया उससे बिहार की देशभर में बड़ी बदनामी हुई. पिछले दो साल में बिहार विद्यालय परीक्षा समिति में नक़ल और फर्जी टॉप कराने के मामले के बाद बीएसएससी पेपर लीक कांड के बाद लोग देश दुनिया में बिहार की शिक्षा व्यवस्था पर ही सवाल उठाने लगे थे. इंटर टॉपर घोटाले में बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के पूर्व अध्यक्ष लालकेश्वर प्रसाद उनकी पत्नी व गंगा देवी महिला कॉलेज की पूर्व प्राचार्य उषा सिन्हा समेत बच्चा राय की गिरफ्तारी हुई. वहीं बीएसएससी पेपर लीक मामले में आयोग के पूर्व अध्यक्ष आईएएस सुधीर कुमार और पूर्व सचिव परमेश्वर राम भी जेल चले गए. फिलहाल एसआईटी मामले की जांच कर रही है. बताते चलें, सुधीर कुमार की गिरफ्तारी के विरोध में बिहार आईएएस एसोसिएशन ने राज्य सरकार के खिलाफ अपना विरोध भी जताया था.

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