पटना : राजधानी पटना में लगभग 60% लोग किराये के मकान में रहकर गुजर बसर करते है। कुछ लोगो छोटे समय के लिए आते और चले जाते है और बहुत से लोग कई दसक से पटना में निवास कर रहे है। महंगाई इतनी बढ़ गयी है कि जमीन खरीदकर मकान बनाकर रहना मात्र एक सपना बन चुका है। किराये के मकान में रहने वालों के साथ मनमाना किराया और मनमाने ढंग से बिजली बिल प्रति यूनिट लिया जाता है।

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जहा बिजली की सरकारी कीमत 2 से 3 रूपए यूनिट है वही आलग – अलग इलाके में किरायेदारो से लिए जाना वाला बिजली प्रति यूनिट चार्ज अलग है ये चार्ज कही 5 रूपए कही 6 तो कही 7 रूपए है आपको जान कर हैरानी होगी कई रिआइशि इलाकों में ये चार्ज 9-10 रूपए तक लिया जाता है | जहा एक ओर किराये के नाम पर मनमाना पैसा लिया जाता वही बिजली की इतनी जादा दरे आम आदमी को बहुत हताश करती है |

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मेरा निवेदन है कि सरकार ये बात को प्राथमिक से ले ताकि आम आदमी रहत की सास ले सके . सरकार तक यह बात पहुचना जरुरी है की कोई किराये पर कोई शौक से नही रहता, कही न कही कोई मजबूरी होती है जिसका फायदा मकानवाले बखूबी उठाते है। सरकार द्वारा कोई ऐसी नीति बनाई जाए जिससे मनमाना किराया और बिजली बिल की यूनिट से कुछ राहत मिल जाये किराये पर रहने वालों को|

अंत में आप सुब से अनुरोध है इस पोस्ट को जादा से जादा शेयर और लाइक करे ताकि सरकर और सरकर के मुखिया श्रीमान नीतीश कुमार तक जल्द तक जल्द पहुच जाए |

 

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