नई दिल्ली। सहेली के जन्मदिन पर चार किशोरियों ने घूमने का प्लान बनाया तो परिजनों ने अनुमति नहीं दी। इसके बाद घूमने के लिए चारों ने स्कूल से बंक मार दिया। परिजनों को इसकी भनक लगी तो उन्होंने फोन पर किशोरियों को डांट दिया। इसके बाद घबरायी किशोरियों ने घर जाने की बजाए हरिद्वार की राह पकड़ ली। तीन दिन बाद पुलिस ने किशोरियों को होटल से पकड़ लिया। रविवार की दोपहर किसी ने पुलिस को फोन पर सूचना दी कि श्रवणनाथ नगर के पास एक होटल में चार किशोरियां ठहरी हैं। कोतवाली निरीक्षक अनिल कुमार जोशी ने बताया कि सूचना पर पुलिस होटल पहुंची और होटल प्रबंधन से जानकारी मांगी। किशोरियों को स्वागत कक्ष में बुलाया गया और महिला पुलिस कर्मियों ने पूछताछ शुरू की। पुलिस को देख किशोरियां घबरा गईं। महिला पुलिस कर्मियों ने उन्हें ढांढस बंधाया तो उन्होंने पूरी कहानी बयां की। चारों कक्षा दस में एक ही स्कूल में पढ़ती हैं और विश्वासनगर, शाहदरा (दिल्ली) की रहने वाली हैं।
पुलिस के अनुसार 16 फरवरी को नैना का जन्म दिन था। चारों ने घूमने का प्लान बनाया और घरवालों से अनुमति मांगी। घरवालों ने मना किया तो स्कूल के बहाने घर से निकलीं और घूमने चली गईं। जब वे छुट्टी के बाद घर नहीं लौटी तो परिजनों ने तलाश शुरू की। इस बीच किसी परिचित ने उन्हें देखा और परिजनों को फोन कर दिया। परिजन स्कूल पहुंचे तो पता चला कि वे स्कूल आई ही नहीं। इस पर परिजनों ने उन्हें फोन पर डांट लगाई। किशोरियां घबरा गईं और घर लौटने की बजाए सीधे कश्मीरी गेट स्थित अंतरराज्यीय बस अड्डे पहुंची। यहां वे बस में बैठीं और रात को हरिद्वार पहुंच गईं। चारों ने होटल में अपने आधार कार्ड दिखा एक कमरा ले लिया। इस बीच परिजनों ने शाहदरा थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करा दी।

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