पटना :
पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने गुजरात दंगों के मामले में वहां के मुख्यमंत्री और पार्टी की ओर से प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेन्द्र मोदी को अहमदाबाद की एक अदालत से क्लीन चिट दिये जाने का आज स्वागत करते हुए कहा कि तथाकथित धर्मनिरपेक्ष दलों के मुंह पर करारा तमाचा लगा है। उन्होंने कहा कि नरेन्द्र मोदी का राजनीतिक स्तर पर सामना करने में विफल कांग्रेस और अन्य तथाकथित धर्मनिरपेक्ष पार्टियां उन्हे षड़यंत्र के तहत झूठे मामलों में फंसाने की साजिश कर रही है । श्री मोदी ने हाल ही मे भाजपा मे शामिल हुए पूर्व केन्द्रीय गृह सचिव आरके. सिंह के पहली बार पार्टी के प्रदेश कार्यालय में आगमन पर उनका स्वागत करने के बाद आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि अहमदाबाद की अदालत ने 2002 मे हुए गुजरात दंगो के मामले में नरेन्द्र मोदी को क्लीन चिट देते हुए दोष मुक्त कर दिया है । उन्होंने कहा कि श्री मोदी पर इस मामले में पिछले 12 वर्षों से आरोप लगाया जा रहा था और सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर एसआईटी का गठन किया गया था। भाजपा नेता ने कहा कि इस मामले की जांच कर रही एसआईटी के प्रमुख श्री राघवन थे और इसमे गुजरात पुलिस के एक भी अधिकारी शामिल नहीं थे । उन्होंने कहा कि एक राजनीति षड्यंत्र के तहत कांग्रेस के इशारे पर श्री मोदी के खिलाफ झूठा आरोप लगाया गया और इसमें सरकार से नाराज चल रहे संजीव भट्ट जैसे अधिकारी शामिल थे। पूर्व उपमुख्यमंत्री ने कहा कि एसआइटी की जांच मे यह पाया गया था कि श्री भट्ट अधिकारियों की बैठक में मौजूद ही नहीं थे। वहीं दंगो के बाद श्री मोदी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कफर्यू और सेना को बुलाने के लिये कहा था। मामले में एक लाख लोग गिरफ्तार किये गये थे और सैकड़ों लोगों को सजा हुयी थी। उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों से श्री मोदी पर झूठा आरोप लगाया जा रहा है । श्री मोदी ने कहा कि न्यायालय द्वारा श्री मोदी को दोष मुक्त किया जाना कांग्रेस समेत सभी तथाकथित धर्मनिरपेक्ष दलों के मुंह पर करारे तमाचे के समान है । उन्होंने कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने नरेन्द्र मोदी को लेकर ही राजग से अपना नाता तोड़ा था। ऐसे मे श्री कुमार को बिहार की जनता से माफी मांगनी चाहिए। पूर्व उपमुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री कुमार ने गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी के नाम पर ही पटना में भाजपा की हुयी राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के बाद शिष्टाचार को भुला कर अपने सरकारी आवास पर आयोजित भोज को भी रद्द कर दिया था। इसी तरह श्री कुमार ने कोसी जल प्रलय के समय गुजरात सरकार की ओर से राहत पीड़ितों के लिये दिये गये पांच करोड़ की राशि को भी लौटा दिया था। उन्होंने कहा कि उसी समय जदयू के साथ भाजपा का गठबंधन टूट जाता लेकिन बिहार के हित को देखते हुए पार्टी ने इस अपमान को बर्दास्त कर लिया।

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