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नई दिल्ली। उत्तरी व मध्य जिला में बाइक सवार बदमाशों ने एक के बाद एक पांच लूट की वारदात को अंजाम देकर राजधानी में कानून-व्यवस्था की धज्जियां उड़ा दी हैं। बाइक सवार बदमाशों ने रात के अंधेरे में जहां मध्य जिला के दरियागंज थाना क्षेत्र में गन प्वाइंट पर लूट की तीन वारदात को अंजाम दिया। वहीं दिन के उजाले में सिविल लाइंस व मौरिस नगर थाना क्षेत्र में वारदात हुईं। पुलिस अब तक बदमाशों का कोई सुराग नहीं लगा सकी है। मध्य जिला में पहली वारदात शनिवार देर रात एक बजकर 55 मिनट पर दरियागंज थाना क्षेत्र स्थित होटल के सामने हुई। बाइक सवार दो बदमाशों ने राजकुमार नाम के व्यक्ति से गन प्वाइंट पर 10 हजार रुपये व मोबाइल लूटा। कुछ ही देर में शेख सराय परिवहन प्राधिकरण में लर्निंग इंस्पेक्टर के साथ काम करने वाले मोहम्मद अनसब से गोलचा सिनेमा के पास लूट हुई। एटीएम से रुपये निकालकर जैसे ही अनसब अपनी बाइक के पास वापस आए तो स्कूटी सवार दो लड़कों ने मोबाइल व पर्स लूट लिया। स्कूटी पर नंबर प्लेट नहीं थी और बदमाश गलत साइड से आए थे। कुछ ही देर में कंट्रोल रूम को दरियागंज में एक व्यक्ति से लूट की तीसरी वारदात की कॉल आई। माना जा रहा है कि तीनों वारदात में दो में बाइक व एक में स्कूटी का इस्तेमाल हुआ। ऐसे में संभव है कि दो गैंग ने वारदात को अंजाम दिया हो। रविवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे मौरिस नगर थाना क्षेत्र में खालसा कॉलेज के पास यामाहा बाइक सवार दो बदमाशों ने तिमारपुर निवासी वर्गिस नाम के व्यक्ति से गन प्वाइंट पर अंगूठी व चेन लूट ली। घटना के दौरान लोग मौजूद थे, लेकिन बदमाशों के हाथ में हथियार होने के कारण कोई मदद को सामने नहीं आया। मौरिस नगर में हुई घटना में पुलिस अभी जांच शुरू ही की थी कि एक घंटे के बाद यामहा सवार दो बदमाशों ने सिविल लाइंस इलाके में ङ्क्षरग रोड मोनेस्ट्री के सामने गन प्वाइंट पर एक लड़के को रोककर अंगूठी व चेन लूट ली।
आयुक्त की सख्ती पर भी नहीं रुक रहा अपराध
दिल्ली पुलिस की कमान संभालने के बाद पुलिस आयुक्त अमूल्य पटनायक ने स्ट्रीट क्राइम को कम करने को अपनी प्राथमिकता बताया था। आम नागरिकों को सीधे तौर पर प्रभावित करने वाले स्ट्रीट क्राइम को लेकर उन्होंने पहली क्राइम मीटिंग में सभी जिला डीसीपी को इस संबंध में कड़े निर्देश भी दिए थे। पुलिस आयुक्त की प्राथमिकता होने के बावजूद भी स्ट्रीट क्राइम हर साल कम होने के बजाए बढ़ता ही जा रहा है।
दिल्ली पुलिस के आंकड़ों की बाजीगरी में भले ही अपराध कम दिखाए गए हों, लेकिन जमीनी हकीकत यही है कि संगीन अपराधों में भी वर्ष 2015 की अपेक्षा 2016 में 9 फीसद की बढ़ोत्तरी हुई है। वहीं राजधानी के विभिन्न जिलों में लूट की हर दिन करीब एक दर्जन व झपटमारी की दो दर्जन से अधिक वारदात होती हैं।

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