नई दिल्ली। सामूहिक दुष्कर्म मामले में आरोपी यूपी के परिवहन मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति ने मामले को राजनीति से प्रेरित बताते हुए सुप्रीमकोर्ट से गिरफ्तारी पर रोक लगाने की गुहार लगाई है। इसके साथ ही प्रजापति ने कोर्ट से एफआईआर दर्ज करने का आदेश वापस लेने या फिर उसमें बदलाव किये जाने की भी गुजारिश की है। गायत्री प्रजापति अमेठी से समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार हैं और 27 मई को अमेठी में मतदान होना है। एक महिला की शिकायत पर सुप्रीमकोर्ट ने गत 17 फरवरी को गायत्री प्रसाद प्रजापति और छह अन्य के खिलाफ पुलिस को एफआइआर दर्ज करने के आदेश दिये थे। इतना ही नहीं कोर्ट ने पुलिस से कहा था कि वह 8 सप्ताह में सील बंद लिफाफे में मामले की प्रगति रिपोर्ट भी दाखिल करे। कोर्ट के इस आदेश पर लखनऊ पुलिस ने प्रजापति व अन्य आरोपियों के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म सहित अन्य धाराओं में एफआइआर दर्ज कर ली है।
सोमवार को गायत्री प्रजापति ने अपने वकील जय बंसल के जरिये दो अर्जियां दाखिल कीं और कोर्ट से राहत की गुहार लगाई है। अर्जी में शिकायतकर्ता पर भी सवाल उठाए गए हैं। प्रजापति का कहना है कि जब महिला मामला 2013 का बता रही है तो फिर उसने शिकायत 2016 में क्यों की। प्रजापति का कहना है कि इस मामले के जरिये प्रतिपक्षी दल चुनाव में उन्हें नुकसान पहुंचाना चाहता है। प्रजापति ने शिकायतकर्ता महिला को एक अन्य राजनैतिक दल से जुड़ा बताया है। उन्होंने कोर्ट से कहा है कि इस मामले की जांच पहले ही सीबी-सीआइडी कर चुकी है अब कोर्ट के आदेश के बाद एफआइआर भी दर्ज हो गयी है। एफआइआर दर्ज होने के बाद उनकी गिरफ्तारी की आशंका बढ़ गयी है। उनके प्रतिवादी उन्हें चुनाव के दिन जेल में देखना चाहते हैं। कोर्ट इस मामले की सुनवाई पूरी होने तक उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दे। वे कोर्ट को भरोसा दिलाते हैं कि जांच में पूरा सहयोग करेंगे और जब बुलाया जाएगा तब जांच में हिस्सा लेंगे साथ ही वे मामले को प्रभावित करने की कोशिश नहीं करेगे। न ही कोर्ट से मिली आजादी का दुरुपयोग करेंगे। अर्जी में यह भी कहा गया है कि याचिकाकर्ता महिला ने कोर्ट को पूरी सच्चाई नहीं बताई है। उसने ऐसी ही एक शिकायत कुछ लोगों के खिलाफ की थी जिस पर लखनऊ में एफआइआर दर्ज है। प्रजापति ने इस पूरे मामले पर सवाल उठाए हैं। कहा है कि महिला ने स्थानीय थाने में शिकायत करने के बजाए सीधे डीजीपी को शिकायत भेजी थी जिस पर मामले की सीबी- सीआइडी जांच हुई। मालूम हो कि एक महिला ने सुप्रीमकोर्ट में रिट याचिका दाखिल कर गायत्री प्रजापति और छह अन्य पर सामूहिक दुष्कर्म का आरोप लगाया है साथ ही महिला ने अपनी नाबालिग बेटी से भी अभियुक्तों द्वारा छेड़छाड़ करने के आरोप लगाए हैं। महिला का कहना है कि उसने यूपी के डीजीपी से इस मामले की शिकायत की थी लेकिन आज तक उसकी शिकायत पर अभियुक्तों के खिलाफ एफआइआर दर्ज नहीं हुई। इस याचिका पर सुप्रीमकोर्ट ने यूपी पुलिस को मामले में एफआइआर दर्ज करने के आदेश दिये थे।

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