पटना : बिहार बोर्ड के इंटरमीडिएट परीक्षा की कॉपी आगामी 15 मार्च से जांची जाएगी. कॉपियों के मुल्यांकन के लिए 73 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं. प्रमंडलीय आयुक्त आनंद किशोर ने इसकी घोषणा की. इससे पहले मैट्रिक परीक्षा के पांचवे दिन बिहार के अलग-अलग जिलों के विभिन्न परीक्षा केंद्रों से कुल 54 परीक्षार्थियों को नकल करते पाए जाने पर परीक्षा से निष्कासित कर दिया गया. आपको बता दें कि 14 फरवरी से 25 फरवरी तक चली इंटरमीडिएट की परीक्षा अब खत्म हो चुकी है. जबकि मैट्रिक की परीक्षा 1 मार्च से शुरु हुई है जो 8 मार्च तक चलेगी.

 

दूसरे के नाम पर परीक्षा देने आए 9 मुन्ना भाई धराए

मैट्रिक की परीक्षा के पांचवे दिन भी मुन्ना भाई धराए हैं. बिहार के अलग-अलग जिलों से कुल 9 मुन्ना भाई को दूसरे के नाम पर परीक्षा में शामिल हुए पकड़ा गया. इनमें नालंदा से 5, नवादा से 2 तथा गया और मधेपुरा से एक-एक मुन्ना पकड़े गए हैं. इसके पहले भी हर दिन इस तरह के मुन्ना भाई पकड़े जा रहे हैं.

 

कल द्वितीय भारतीय भाषा की है परीक्षा

कल यानी मंगलवार को द्वितीय भारतीय भाषा की परीक्षा होने वाली है. इसके तहत हिंदी भाषियों को संस्कृत, अरबी, फारसी व भोजपुरी में से किसी एक विषय की परीक्षा देनी है. जबकि अहिन्दी भाषियों के लिए हिंदी की परीक्षा आय़ोजित की जाएगी. कल परीक्षा का छठा दिन होगा. इसके बाद सिर्फ एक और विषय की परीक्षा शेष रह जाएगी.

 

परीक्षा का नहीं हो रहा है मीडिया कवरेज

आपको बता दें कि दसवीं और इंटर की परीक्षा में नकल के आरोपों और पिछले साल हुए टॉपर्स घोटाले से जली बिहार विद्यालय परीक्षा समिति अब फूंक-फूंक कर कदम रख रही है. पिछले साल परीक्षाओं में किये गए कदाचार की तस्वीर मीडिया के कारण पूरे देश ने देखा और सरकार की बहुत ही किरकिरी हुई. परीक्षाओं में कदाचार की स्थिति को लेकर सरकार को काफी फजीहत उठानी पड़ी थी. इस बार समिति ने परीक्षाओं की मीडिया कवरेज पर रोक लगा दी है.

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