नई दिल्ली: अगर आपने बीते वर्ष अपने बैंक खातों में भारी नकदी जमा की है और इस रकम के सोर्स का खुलासा नहीं किया है तो आयकर विभाग के अधिकारी आपके घर तक पहुंच सकते हैं। आयकर विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “हमने अपने अभियान को इस तरह से संचालित करने की कोशिश की है कि यह बिल्कुल भी दखलअंदाजी न लगे। लेकिन अगर लोग खुद से आगे नहीं आए तो कुछ तरह के सत्यापन की जरूरत होगी विशेषकर भारी नकदी से जुड़े मामलों में।”
विभाग ने 18 लाख करदाताओ से पूछे हैं सवाल:
आयकर विभाग ने ऑपरेशन क्लीन मनी के अंतर्गत करीब 18 लाख लोगों को एसएमएस और ई-मेल भेजकर जवाब मांगे हैं। ये वो लोग हैं जिन्होंने नोटबंदी की 50 (10 नवंबर से 30 दिसंबर) दिनों की अवधि के दौरान अपने बैंक खातों में 5 लाख से ज्यादा की रकम जमा की है। इनके डिपॉजिट ट्रांजैक्शंस उनकी इनकम के हिसाब से मेल नहीं खाते। फेसलेस एक्सरसाइज के तहत लोगों से डिपार्टमेंट के पोर्टल पर डिपॉजिट के बारे में सफाई देने के लिए कहा गया है। आधे से कम लोगो ने दिए जवाब: आयकर विभाग ने जिन 18 लाख लोगों को एसएमएस और ई-मेल भेजकर जवाब मांगे हैं उनमें से सिर्फ 7.3 लाख लोगों ने 15 फरवरी की बढ़ाई गई समय सीमा के दौरान ईमेल का जवाब दिया और अपने जमा पर सफाई दी है। सफाई न देने वालों के घर पहुंचेंगे विभाग के अधिकारी: आयकर विभाग ने जिन जिन लोगों के सवाल पूछे हैं उन्हें आयकर विभाग के कार्यालय में जाकर बैंक खातों में जमा के बारे में सफाई देनी होगी। ऐसा न करने वालों के घर पर विभाग के अधिकारी खुद पहुंच सकते हैं।

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